छात्र संगठनों को हाईकोर्ट के सख्त आदेश, नारेबाजी पर लगी पाबंदी
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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी व हॉस्टलों के 200 मीटर के दायरे के भीतर नारेबाजी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट नेनारेबाजी के लिए विश्वविद्यालय परिसर में लाउड स्पीकर व इस तरह के अन्य ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश विश्वविद्यालय द्वारा दायर परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग करने वाली याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए।
कोर्ट ने एसएफ आई के पदाधिकारी नोवेल ठाकुर व विपिन कुमार शर्मा को आदेश दिए हैं कि वे अपनी मांगें शांतिपूर्वक विश्वविद्यालय के समक्ष रखें और किसी भी छात्र की पढ़ाई को बाधित न करें।
कोर्ट ने दिए ये सख्त आदेश
कोर्ट ने इन दोनों छात्रों को यह भी आदेश दिए हैं कि वे किसी भी छात्र को कक्षाओं में जाने से न रोकें। सभी छात्र शांतिपूर्वक अपनी मांगे उठाएं और कोई भी नारेबाजी कक्षाओं के समय में न हो।
कोई भी आंदोलनकारी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक विशेषतया उपकुलपति व परीक्षा नियंत्रक के कार्यालयों में प्रवेश नहीं करेंगे। कोर्ट ने मुख्य सचिव सहित पुलिस महानिदेशक, जिलाधीश व एसपी शिमला से मंगलवार तक जवाब भी तलब किया है।
मामले पर मंगलवार को सुनवाई होगी। कोर्ट ने उपकुलपति की रविवार को होने वाली बैठक में प्रत्येक छात्र संगठन के केवल दो छात्रों को शामिल होने के आदेश भी दिए हैं।