कोटी पेड़ कटान मामलाः हाईकोर्ट इनके खिलाफ दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश
इससे पहले कोर्ट ने उद्योग विभाग के निदेशक को प्रतिवादी बनाते हुए उन्हें निजी शपथपत्र दायर कर यह बताने को कहा था कि किन परिस्थितियों में भूप राम के स्टोन क्रशर के आवेदन को पहली ही बार में प्रोसेस कर दिया गया।
भूप राम ने 14 जुलाई 2014 को स्टोन क्रशर के लिए आवेदन किया था। 12 जनवरी 2018 को कोटी रेंज में बड़े पैमाने पर वन कटान का मामला सामने आया था। यह मामला तब उजागर हुआ जब उक्त बीट का फारेस्ट गार्ड रिटायर हुआ।
यहां जानिए क्या है पूरा मामला
नए गार्ड पवन ने बीट संभाली। गार्ड की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने शलोट गांव के साथ लगते यू- 260 जंगल में 400 से अधिक पेड़ों के कटे ठूंठ पाये। जिनमें देवदार, बान व चीड़ के पेड़ भी शामिल थे।
इनकी मार्र्र्केट वेल्यू करीब 20 से 30 लाख के करीब बताई गयी थी। अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने भूप सिंह के खिलाफ पुलिस थाना ढली में एफआईआर भी दर्ज करवाई।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने वन विभाग के संबंधित दोषी कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए।
रेंज ऑफिसर की शिकायत पर दर्ज किया केस
इस मामले में रेंज ऑफिसर अनु ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने जुन्गा के शलोट गांव के भूप राम के खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। जांच में सामने आया था कि वन विभाग के यू-260 जंगल में पेड़ों का कटान पिछले 4 सालों से गुपचुप तरीके से हो रहा था।
लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। कोर्ट ने प्रधान सचिव वन को यह बताने के आदेश भी दिए कि इस मामले में लिप्त दोषी वन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्यवाई अमल में लाई गई है।
कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या केवल भूप राम ही इस वन कटान के अपराध में शामिल है या अन्य लोग भी निजी अथवा सरकारी भूमि पर अवैध पेड़ कटान में शामिल है। गौरतलब है कि मामला दर्ज करने के बाद वन विभाग और पुलिस टीम ने भूपराम के घर पर दबिश दी थी और उसके घर से 23 बोरियां कोयले की बरामद की।