हाईकोर्ट के आदेश, गौ हत्या रोकने को 6 माह में कानून बनाए केंद्र सरकार
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हिमाचल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिए कि वह गौ हत्या को रोकने के लिए 6 माह के भीतर कानून बनाए। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को भी यह आदेश दिए कि वह राज्य कृषि आयोग का गठन 3 माह के भीतर करे।
कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना यानी हर खेत को पानी वाली केंद्रीय योजनाओं की अक्षरश: अनुपालना करे। कोर्ट ने खेद प्रकट किया कि किसान योजनाओं की अनुपालना न होने से आज का किसान बेवजह ही पिस रहा है।
हाईकोर्ट ने किसानों के 50 हजार तक कर्जे माफ करने को 3 माह के भीतर निर्णय लेने को कहा है। यह निर्णय स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी को लेना है। मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह गौसदनों को पर्याप्त धन मुहैया करें, ताकि प्रदेश की प्रत्येक पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगमों में गौ सदन तीन माह में कार्य करना शुरू कर दे।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिए
कोर्ट ने यह भी आदेश दिए कि वह 107 तरह की विभिन्न फसलों के न्यूनतम मूल्यों के निर्धारण के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाएं। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में 122 गौ सदनों का निर्माण किया जा चुका है।
8 फरवरी, 2016 को जारी अधिसूचना के तहत हिमाचल प्रदेश गौवंश संवर्धन बोर्ड का गठन किया जा चुका है। जन संपर्क विभाग के उप सचिव की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 11 जिलों में गौ सदनों के निर्माण पर 5 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से बताया गया कि बीमार तथा घायल पशुओं के इलाज को हर एक चिकित्सा संस्थान में अलग से रजिस्टर मेंटेन किया जा रहा है।