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Himachal: अंशकालिक कर्मियों को नौकरी से नहीं निकाल सकता बैंक, हाईकोर्ट ने दिए आदेश

Fri, 10 Jan 2025 10:36 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Jan 2025 10:36 AM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण बैंक में अंशकालिक कर्मियों के रूप में काम करने वालों पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। 

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hp High Court order: Bank cannot fire parttime workers
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण बैंक में अंशकालिक कर्मियों के रूप में काम करने वालों पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि कर्मचारियों को बैंक नौकरी से नहीं निकाल सकता है। प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने वर्ष 29 मार्च 2019 में ग्रामीण बैंक में पार्ट टाइम काम करने वाले वर्करों को निकालने पर रोक लगा दी थी।

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ये भी पढ़ें: Himachal: हाईकोर्ट के आदेश- सरकारी अफसरों की लापरवाही की जांच रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाया जाए, जानें मामला
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इसके बावजूद ग्रामीण बैंक ने कुछ कर्मचारियों को सेवाओं से हटा दिया है।  याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आवेदन दायर किया गया, जिसमें कहा कि अदालत की रोक के बाद भी अंशकालिक कर्मियों को हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवेदन का निपटारा करते हुए बैंक कर्मियों को नहीं निकालने के आदेश दिए हैं। अगर कोई अधिकारी ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। 

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अपफ्रंट प्रीमियम समय पर जमा न करने में जिम्मेदार अफसरों की  जांच रिपोर्ट तलब
वहीं, हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सेली प्रोजेक्ट मामले में अपफ्रंट प्रीमियम समय पर जमा न करने में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ जांच रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड में लाया जाए। उधर, हिमाचल सरकार की ओर से शुक्रवार को महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई से पहले इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेली प्रोजेक्ट का 64 करोड़ रुपए का अपफ्रंट प्रीमियम जमा न करने पर अधिकारियों के विरुद्ध जांच के आदेश दिए थे। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकार को 29 करोड़ रुपए अतिरिक्त जमा करने पड़े। अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ, इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस मामले की सुनवाई अब मार्च में होगी।

हाईकोर्ट ने छह न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए
हाईकोर्ट ने छह न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर यजुविंद्र सिंह को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-2 शिमला बदला गया है।  अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर हरमेश कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर, वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा दहिया को पदोन्नति के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ सीनियर सिविल जज पालमपुर उपासना शर्मा को वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन, जिला विधिक न्यायिक प्राधिकरण शिमला के सचिव उमेश वर्मा को वरिष्ठ सिविल जज शिमला में नियुक्ति दी गई है। एकांक्ष कपिल को सिविल जज द्वितीय ग्रेड के पद से पदोन्नत कर वरिष्ठ सिविल जज यानी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर दो में नियुक्त किया गया है। 
 

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