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HP High Court: बद्दी में 16 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाले में मुख्य सचिव को नोटिस

Tue, 01 Nov 2022 10:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Nov 2022 10:00 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने बद्दी में हुए 16 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाले के मामले में संज्ञान लिया है। अदालत ने प्रदेश के मुख्य सचिव समेत राजस्व सचिव, आयुक्त और उपायुक्त सोलन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

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HP High Court: Notice to Chief Secretary in Rs 16 crore revenue scam in Baddi
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बद्दी में हुए 16 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाले के मामले में संज्ञान लिया है। अदालत ने प्रदेश के मुख्य सचिव समेत राजस्व सचिव, आयुक्त और उपायुक्त सोलन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई चार हफ्ते के बाद निर्धारित की है।  अर्की निवासी परमिंदर ठाकुर की ओर से जनहित में दायर याचिका में इस घोटाले को उजागर किया गया है। तत्कालीन तहसीलदार बद्दी पर पंजीकरण फीस और स्टैंप ड्यूटी हड़पने का आरोप लगाया गया है। उस पर 21 जनवरी 2010 से 14 अगस्त 2013 के बीच भूमि से जुड़े 300 तबादला इंतकाल नियमों के विपरीत दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है।

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उस समय भूमि के तबादलों पर स्टैंप ड्यूटी की दर उच्चतम कीमत की 3 फीसदी और पंजीकरण फीस 2 फीसदी अथवा न्यूनतम 25 हजार रुपये थी। आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार ने बिना फीस लिए ही इनका पंजीकरण कर दिया।  तहसीलदार की ओर से जमीनों के तबादले पटवार सर्कल, कानूनगो सर्कल और तहसील हदबंदी से बाहर के भी कर दिए गए थे। पंजीकरण फीस न लेने से सरकार के खजाने को लगभग 16 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रार्थी के अनुसार तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई गई थी। कार्रवाई के दौरान इस मामले में तत्कालीन उपमंडलाधिकारी ने रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में सिर्फ 11 ऐसे तबादलों का जिक्र किया गया था जिससे  सरकार को केवल 9 हजार रुपये का नुकसान पहुंचा।  प्रार्थी ने राजस्व विभाग के उच्चाधिकारी के खिलाफ मामले की गंभीरता को न समझने का आरोप लगाया है। 

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