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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HP High Court Hearing on Illegal Encroachment on Govt Land on Tuesday.

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे रेगुलर होंगे या नहीं, आज होगी सुनवाई

Tue, 21 Mar 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 21 Mar 2017 09:45 AM IST
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HP High Court Hearing on Illegal Encroachment on Govt Land on Tuesday.

राज्य सरकार के सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को राहत देने के लिए बनाए गए प्रारूप नियमों के प्रकाशन की इजाजत मांगने को हाईकोर्ट में दायर आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

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सात मार्च को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सरकार के इस आवेदन पर संबंधित पक्षकारों को एक सप्ताह में आपत्तियां दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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सरकार ने इस आवेदन के माध्यम से कोर्ट को बताया है कि वह विधानसभा के संकल्प स्वरूप सरकारी, वन भूमि पर 5 बीघा भूमि तक अतिक्रमण को मानवीय आधार पर मालिकाना हक में तबदील करना चाहती है।
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सरकार ने इस आवेदन के साथ भू-राजस्व अधिनियम के तहत बनाए गए उन प्रारूप नियमों की प्रति भी पेश की, जिसके तहत अतिक्रमणकारियों को राहत देने के नियम बनाए गए हैं।

इन लोगों को राहत देना चाहती है सरकार, ये दिए हैं रेट

HP High Court Hearing on Illegal Encroachment on Govt Land on Tuesday.

सरकार ने छोटे, गरीब और भूमिहीन किसानों के अवैध अतिक्रमण को मालिकाना हक में तबदील करने के लिए इन प्रारूप नियमों के राजपत्र में प्रकाशन की इजाजत मांगी है। सरकार का कहना है कि इन प्रारूप नियमों का राजपत्र में प्रकाशन जरूरी है, ताकि इन्हें अंतिम रूप देने से पहले संबंधित लोगों अथवा संस्थाओं से आपत्तियां आमंत्रित की जा सकें।

सरकार की ओर से पेश प्रारूप के अनुसार शहरों में 2 बिस्वा तक कब्जाई गई भूमि और ग्रामीण इलाकों में अधिकतम 5 बीघा तक कब्जाई गई भूमि का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव है। यह मालिकाना हक एसडीएम अथवा सहायक सेटलमेंट अधिकारी की ओर से दिया जाएगा।

यह मालिकाना हक 28 अगस्त, 2015 से पहले के पात्र कब्जाधारियों को दिया जाना है। प्रारूप के अनुसार ग्रामीण इलाकों के कब्जाधारियों की कुल भूमि अवैध कब्जा मिलाकर 10 बीघा से अधिक नहीं होनी चाहिए। सरकार ने प्रारूप में 2 बीघा भूमि तक की भूमि के लिए 5000 रुपये प्रति बीघा और 2 से 5 बीघा तक की भूमि के लिए 10000 रुपये प्रति बीघा कीमत का निर्धारण भी किया है। 

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