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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Cour Order to Chief Secretary to take decision for making reservoir on Giri river

HP High Court: गिरि नदी पर जलाशय बनाने के लिए मुख्य सचिव को निर्णय लेने के आदेश

Fri, 18 Nov 2022 06:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 18 Nov 2022 06:26 PM IST
सार

 खंडपीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को आदेश दिए हैं कि वे गिरि नदी की संयुक्त जांच करें और अवैध डंपिंग स्थानों को दीवार या बाड़ा लगाकर सील करें। 

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HP High Cour Order to Chief Secretary to take decision for making reservoir on Giri river
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गिरि नदी पर जलाशय नहीं बनाने पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को 15 दिन के भीतर संबंधित विभागों के साथ मीटिंग करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गिरि नदी में अवैध डंपिंग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। खंडपीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को आदेश दिए हैं कि वे गिरि नदी की संयुक्त जांच करें और अवैध डंपिंग स्थानों को दीवार या बाड़ा लगाकर सील करें। इसके लिए अदालत ने सरकार को विशेष बजट के प्रावधान करने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई 8 दिसंबर को निर्धारित की गई है।  

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मामले पर सुनवाई के दौरान एचपीसीएल ने गिरि नदी पर जलाशय बनाने संबंधी रिपोर्ट तैयार पेश की। अदालत ने पाया कि जलाशय बनाने के लिए 22 जुलाई 2019 को तात्कालिक मुख्य सचिव ने बैठक में इस प्रोजेक्ट का निर्माण यह कहकर लंबित कर दिया था कि अभी इसकी जरूरत नहीं है। अदालत ने कहा कि उस दिन से आज तक बहुत कुछ बदल गया है। शिमला शहर ने पानी की किल्लत का सामना किया है, खासकर गर्मियों और बरसात में पीने की समस्या बनी रहती है। आज के समय में गिरि नदी पर जलाशय बनाया जाना अति आवश्यक है। 
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बता दें कि शिमला शहर में पानी की किल्लत को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत की ओर से समय समय पर पारित आदेशों के बाद अब शहर में पानी की व्यवस्था सुचारू हुई है। गर्मियों में शहर के लिए पांचवे दिन भी कम मात्रा में पानी दिया जा रहा था।  अदालत ने शहर के प्राकृतिक स्रोतों  को विकसित करने के आदेश दिए थे। नगर निगम ने शहर में सभी प्राकृतिक स्रोतों को चिन्हित किया है। इन स्रोतों से प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख लीटर पानी निकलता है। इन्हें विकसित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।  

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