जनजातीय क्षेत्रों के छह लाख उपभोक्ताओं को राहत, खाद्य आपूर्ति निगम ने लिया ये फैसला
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प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लिए छह महीने का सस्ता राशन कोटा भेजा गया है। खाद्य आपूर्ति निगम ने बर्फीले क्षेत्रों के लिए यह कोटा दिसंबर 2017 से मई, 2018 तक जारी किया है। हर राशनकार्ड पर प्रति महीने 12 किलो आटा और 6 किलो चावल मिलेगा।
यानी करीब छह लाख उपभोक्ताओं को एक साथ 72 किलो आटा और 36 किलो चावल दिया जाएगा। इसके अलावा पसंद की तीन दालें, दो लीटर तेल, चीनी और नमक दिया जाएगा। हिमाचल में राशनकार्ड उपभोक्ताओं की संख्या साढ़े अठारह लाख है।
जनजातीय क्षेत्र चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति जिले में राशन कार्डों की संख्या करीब छह लाख है। जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते सड़कें बंद रहती हैं। ऐसे में ये लोग सस्ते राशन से वंचित हो जाते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य आपूर्ति तरुण कपूर ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए राशन भेज दिया गया है।
लैप्स नहीं होगा कोटा
प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में राशन कोटा लैप्स नहीं होगा। जिन उपभोक्ताओं को नवंबर का राशन नहीं मिला है, वे इस महीने राशन कोटा ले सकेंगे। खाद्य आपूर्ति निगम ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को पुराने और नए कोटे के हिसाब से राशन दिया जाएगा।
एपीएल परिवार
एपीएल परिवारों को आटा 8 रुपये और चावल 10 रुपये के हिसाब से मिलेगा बीपीएल परिवार 35 किलो प्रति माह के हिसाब से राशन मिलेगा। इसमें 20 किलो आटा और 15 किलो चावल होगा
सब्सिडी पर देती है दालें, तेल और चीनी
केंद्र सरकार ने चीनी पर सब्सिडी देना बंद कर दिया है। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर राशनकार्ड उपभोक्ताओं को हर महीने पसंद की तीन दालें, दो लीटर तेल और एक किलो चीनी मुहैया करा रही है।