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शिमला में ट्रैफिक वन वे करने पर सरकार ने दिया जवाब

Tue, 16 Feb 2016 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 16 Feb 2016 09:52 AM IST
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hp govt send report to NGT on shimla traffic.

शिमला शहर में प्रतिबंधित सड़कों, ट्रैफिक जाम, कार्ट रोड को वनवे करने को लेकर एनजीटी की ओर से दिए गए आदेशों पर सरकार ने जवाब दाखिल कर दिया है। ट्रिब्यूनल के फैसले को लागू करने के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। ट्रिब्यूनल की ओर से जारी किए गए आदेश की प्रति मिलने के बाद सरकार की ओर से कमेटी का गठन किया गया है।

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इस ने कमेटी अतिरिक्त मुख्य सचिव यातायात की निगरानी में प्रारूप तैयार कर दिया है। इसमें अंतिम रिपोर्ट मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजी जानी है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के मुताबिक राज्य सरकार को यह आदेश तीन महीने के भीतर लागू करने होंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश दिए हैं कि तीन महीनों के भीतर पहले से प्रतिबंधित और यातायात के लिए बंद मार्गों की समीक्षा कर फिर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाए।
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अधिसूचना में जिन सड़कों को प्रतिबंधित किया जाए, वहां यह भी निश्चित किया जाए कि किसी भी हालत में कोई गाड़ी प्रवेश न कर पाए। इन सड़कों पर पार्किंग न की जाए। ग्रीन बेंच ने सरकार को आदेश दिया है कि वह तय करे कि शिमला में किसी भी सड़क पर भीड़ या ट्रैफिक जाम न लगे। शिमला के कार्ट रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से कैसे निजात मिले इस पर योजना तैयार करने के लिए कहा गया है। माल रोड के वेस्टर्न कमांड पोस्ट आफिस हाईकोर्ट पर कार लाने वालों से 500 रुपये पर्यावरण शुल्क वसूल किया जाए।
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इसके अलावा शुल्क की राशि संबंधित प्राधिकरण या पुलिस चेक पोस्ट या ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से निर्धारित प्राधिकरण के जरिये वसूला जाए। जुर्माने की राशि का संग्रहण ट्रांसपोर्ट सचिव के अधीन एक अलग अकाउंट बनाकर किया जाए। शुल्क से जो पैसा इकट्ठा हो उसका इस्तेमाल वायु - ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए किया जाना चाहिए। हिमाचल सरकार को प्रदेश में तीन महीनों के भीतर साइलेंस जोन की घोषणा करने को कहा है ग्रीन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार और संबंधित मामले में शिमला के भीतर मौजूद सभी प्राधिकरण साइलेंस जोन की घोषणा के साथ उचित स्थानों पर साइन बोर्ड लगाएं।

एनजीटी के आदेश पर सरकार ने ये जवाब दिए
शिमला शहर में प्रतिबंधित रोड परमिट की पहले से ही वार्षिक फीस वसूल की जाती है। अलग से पर्यावरण फीस के बारे में राज्य सरकार ने पूछा है कि गाड़ियों से यह फीस वार्षिक, मासिक या फिर दैनिक लेनी है। कार्ट रोड पर वन वे ट्रैफिक लागू करने की समीक्षा होगी। बंधित सड़कों पर इंमरजेंसी गाड़ियों को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित सड़कों पर पहले से ही पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।


साइलेंस जोन में साइन बोर्ड लगाने की बात कही गई है। परिवहन विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने डीसी शिमला और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और परिवहन विभाग को इस बारे आदेश जारी किए हैं। परिवहन विभाग का कार्य चालान काटने का रहेगा। उसके लिए तैयारियां पूरी हैं।

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