पंचायत चुनावः सात दिन में बनाना होगा आरक्षण का रोस्टर
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प्रदेश पंचायती राज विभाग ने सभी डीसी और डीपीओ को सात दिन में पंचायत चुनाव आरक्षण रोस्टर जारी करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने शनिवार को सभी जिलों के उपायुक्तों को गाइडलाइन भेजकर इनके हिसाब से ही चुनाव रोस्टर तय करने के निर्देश जारी किए हैं। रोस्टर तय करने के लिए वर्ष 2011 की जनसंख्या को ही आधार बनाने को कहा गया है।
2010 को आधार वर्ष मानने और इस बार के चुनाव को पहला रोटेशन मानने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि रोस्टर तय करने में अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई गलती की तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने पहले खारिज कर दिया था रोस्टर
चुनाव आरक्षण रोस्टर को पहले सॉफ्टवेयर के हिसाब से तय किया जा रहा था, मगर इस पर विवाद खड़ा हो गया। खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किसी तरह के सॉफ्टवेयर से अनभिज्ञता जताई थी, जबकि सॉफ्टवेयर को जिलों के लिए जारी कर दिया गया था। बाद में कई मंत्रियों ने भी इसमें खामियां बताते हुए इसका विरोध किया।
मंत्रिमंडल ने इसे खारिज कर दिया और मैनुअली चुनाव आरक्षण रोस्टर तय करने के निर्देश दिए। बताते हैं कि कई जिलों में मैनुअली रोस्टर तैयार भी है। इसके बावजूद शनिवार को पंचायती राज विभाग ने विस्तृत गाइडलाइंस जिलों को भेजी हैं। इनमें आरक्षण रोस्टर तय करने का फार्मूला स्पष्ट किया गया है।
‘आरक्षण रोस्टर की गाइडलाइन शनिवार को सभी जिलों के उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को जारी कर गई हैं। सात दिन के भीतर रोस्टर जारी करने को कह दिया गया है।’- केवल शर्मा, संयुक्त निदेशक, पंचायती राज विभाग, शिमला।