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शहीद के परिवार से बड़ा मजाक, नौकरी देने से मुकर गई वीरभद्र सरकार

Fri, 26 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 26 Aug 2016 12:02 AM IST
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HP Govt Not given Jobs to Aasam Rifles Martyr Baldev Sharma family.

हिमाचल सरकार शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं है। यही कारण है कि असम राइफल्स के सूबेदार की शहादत के महीनों बाद भी सरकार ने पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की है।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के वित्तीय सहायता और नौकरी देने के आश्वासन को भी सैनिक कल्याण निदेशालय ने भी पूरा करने से इनकार कर दिया है। निदेशालय के इनकार और मंत्री के अधूरे वायदे के बीच अब शहीद का परिवार दो वक्त की रोटी को मोहताज होने की कगार पर है।
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बिलासपुर के शाहतलाई निवासी बलदेव शर्मा असम राइफल्स में सूबेदार के पद पर तैनात थे। भारत-म्यांमार सीमा के पास मणिपुर के चंदेल जिला में साथी जवानों संग गश्त के दौरान उग्रवादियों के हमले में शहीद हो गए थे।
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शहादत के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। शर्मा की पत्नी अरुणा देवी और बेटे विवेक को हरसंभव मदद की बात कही।

मंत्री ने दिया था नौकरी का भरोसा, अब किया इंकार

HP Govt Not given Jobs to Aasam Rifles Martyr Baldev Sharma family.
हिमाचल प्रदेश सरकार

साथ ही मंत्री ने शहीद के परिवार को पांच लाख रुपये को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भरोसा दिया। आर्थिक मदद का इंतजार कर रहे परिवार को अब सैनिक कल्याण निदेशालय ने मदद देने से इनकार कर दिया है।

निदेशालय ने साफ किया है कि अर्ध सैनिक बल के किसी भी शहीद की शहादत पर सरकार का नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं है। निदेशालय के इस लेटर के आने के बाद पीड़ित परिवार ने राज्यपाल से मदद की गुहार लगाई है।

शहीद के बेटे विवेक शर्मा ने बताया कि पिछले दो महीनों से कागजी कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन आर्थिक सहायता न मिलने से अब संकट खड़ा हो गया है। बताया कि बहन की पढ़ाई के लिए भी रुपये जुटाना मुश्किल हो रहा है।

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