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कर्मचारियों को झटका देने की तैयारी में सरकार

Thu, 13 Nov 2014 09:30 AM IST
Updated Thu, 13 Nov 2014 09:30 AM IST
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hp govt may cut private hospital benifit of employees.

हिमाचल सरकार के कर्मचारियों को प्रदेश और बाहरी राज्यों के निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा बंद हो सकती है। अब केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज पर ही मेडिकल रिइन्बर्समेंट देने की तैयारी है।

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रिसोर्स मोबलाइजेशन कैबिनेट सब कमेटी जल्द ही प्रदेश सरकार से ये सिफारिश करने जा रही है। वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों के इलाज के लिए प्रदेश और बाहरी राज्यों में दो सौ से ज्यादा निजी अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं।
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इन अस्पतालों में इलाज का खर्च सरकार कर्मचारी वापस करती है। हिमाचल में करीब तीन लाख सरकारी अधिकारी और कर्मचारी हैं।

फर्जी बिल के भी आ चुके हैं मामले

hp govt may cut private hospital benifit of employees.

अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजनों के इलाज के लिए वर्तमान में सरकारी अस्पतालों के अलावा प्रदेश और बाहरी राज्यों में निजी अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं। इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के बजाए अफसर और कर्मचारी इन निजी स्वास्थ्य संस्थानों को तवज्जो देते हैं।

इससे प्रदेश सरकार पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च आता है। कई बार इलाज के फर्जी बिलों के मामले भी सामने आए हैं। आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश सरकार को ये खर्च उठाना अब मुश्किल हो रहा है। इसी के मद्देनजर रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी इसको बंद करने की सिफारिश करने जा रही है। कमेटी की मीटिंग में इस पर चर्चा हो चुकी है।

क्या कहते हैं बाली
हिमाचल की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर मेडिकल रिइन्बर्समेंट के लिए प्राइवेट अस्पतालों को बाहर करने पर विचार किया जा रहा है। रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी प्रदेश सरकार इस बारे सिफारिश करेगी।
- जीएस बाली, सदस्य रिसोर्स मोबलाइजेशन कैबिनेट सब कमेटी

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