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HP Budget Seesion: राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सुक्खू-जयराम में नोकझोंक, जानें पूरा मामला

Thu, 15 Feb 2024 10:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 15 Feb 2024 10:30 PM IST
सार

राज्यपाल के अभिभाषण में सिर्फ केंद्र की योजनाओं का ही जिक्र है। जयराम ने बहुत ज्यादा कर्ज लेने की बात की तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए कहा कि जब सत्ता जाती है तो विचित्र स्थिति पैदा हो जाती है। 

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HP Budget Seesion: Nokjhonk between Sukhu-Jairam during discussion on Governor's address in the House
सदन में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओपीएस के नाम पर वोट लेकर कांग्रेस सत्ता में आई और अब ओपीएस के तहत पेंशन में कटौती की तैयारी चल रही है। अंतिम वेतन के 50 फीसदी से घटाकर इसे 20 से 30 फीसदी करने की तैयारी है। केंद्र से प्रदेश को मदद न मिलने के सरकार के दावे पर जयराम बोले, हिमाचल में केंद्र के आशीर्वाद से ही काम हो रहे हैं। राज्यपाल के अभिभाषण में सिर्फ केंद्र की योजनाओं का ही जिक्र है।

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जयराम ने बहुत ज्यादा कर्ज लेने की बात की तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए कहा कि जब सत्ता जाती है तो विचित्र स्थिति पैदा हो जाती है। यही स्थिति भाजपा की है। वर्तमान सरकार ने सरकारी अधिकारी और कर्मचारी जिन्होंने विकास की गाथा लिखी है, उन्हें ओपीएस देने का वादा किया गया था और इसे लागू किया गया है। 4,500 लोग ओपीएस ले रहे हैं। पेंशन में कोई कटौती नहीं हुई है। भ्रामक बातें की जा रही हैं। एक साल के कार्यकाल में सरकार ने बेहतरीन काम किए हैं। नेता प्रतिपक्ष को तथ्यों और कागज के आधार पर बोलना चाहिए।
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अधिक ब्याज देने वाले बैंकों में जमा की जाएं एफडीआर : केवल
शिमला। शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने सवाल किया कि वर्तमान में सरकार की कितनी एफडीआर किन-किन बैंकों के पास जमा है और उस पर कितना ब्याज प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंकों के बजाय सरकारी बैंकों में ही सरकार की एफडीआर होनी चाहिए। अधिक ब्याज देने वाले बैंकों को इसमें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने लिखित में इसकी जानकारी नहीं मिलने पर रोष भी जताया। जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इसकी जानकारी ली जा रही है। 





 

प्रदेश में नई उद्योग नीति से और बढ़ाएंगे निवेश : हर्षवर्धन
शिमला। गगरेट के कांग्रेस विधायक चैतन्य शर्मा के एक प्रश्न के उत्तर में श्रम एवं रोजगार और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर फैक्टरी में कार्यरत श्रमिकों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार नई उद्योग नीति बना रही है, जिससे प्रदेश में और निवेश आए। विधायक हरीश जनारथा ने अपने अनुपूरक प्रश्न में कहा कि राज्य में 70 से 80 फीसदी रोजगार होटलों में हो रहा है। नई नीति में होस्पिटेलिटी सेक्टर को भी शामिल किया जाए। जवाब में मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश को स्टार्टअप में बेहतरीन राज्य की श्रेणी में लाया गया है। 

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चंद्रशेखर ने उठाया धर्मपुर में बसों की कमी का मामला
 कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने धर्मपुर में एचआरटीसी की बसों कमी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 16-17 बसों की हालत खराब है और इससे जनता परेशान है। स्थिति खराब हो चुकी है। क्या सरकार धर्मपुर को लेकर गंभीरता दिखाएगी। पिछली सरकारें इस पर उदासीन रहीं हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के सदन में उपस्थित न हो पाने पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उत्तर दिया कि जो भी बसें घाटे में चलती हैं, उन्हें चलाए रखना मुश्किल होता है। धर्मपुर में बसों का खर्चा प्रति किलोमीटर 65 रुपये है। चंद्रशेखर जो मामला उठा रहे हैं, वह ध्यान में है। 

कांग्रेस की गारंटी ही बनेगी सत्ता से बाहर करने की गारंटी : जयराम
 राज्यपाल के अभिभाषण पर वक्तव्य के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले दी गई गारंटियां ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने की गारंटी बनेंगी। कांग्रेस ने गारंटियां तो बहुत दीं पर पूरी एक भी नहीं की। कांग्रेस सरकार ने 14 महीने में 14 हजार करोड़ कर्ज लिया है।भाजपा सरकार ने एक साल में 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया था। मुख्यमंत्री सुक्खू को बंद करने वाले मुख्यमंत्री के नाम से याद किया जाएगा। नए संस्थान खोलना दूर उलटे जो संस्थान चल रहे थे, वह भी बंद कर दिए। मुख्यमंत्री का सब कुछ बंद करने का स्वभाव बन गया है। बेरोजगारों की बात करते हैं और गारंटी दी थी कि पांच साल में पांच लाख नौकरियां देंगे। कोविडकाल में जिन लोगों ने जिंदगी बचाने का काम किया, उन्हें पैसा नहीं दिया और नौकरी से बाहर किया गया। अगर बेरोजगारों के हितैषी हैं तो लोग आंदोलन क्यों कर रहे हैं। बागवानों को गारंटी दी कि फसल की कीमत खुद तय करेंगे और मौका आया तो बागवानी मंत्री कहते हैं, ऐसा नहीं हो सकता। जयराम ठाकुर के समय की योजनाओं के या तो नाम बदल दिए या उन्हें बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का नाम राजीव गांधी स्टार्टअप योजना नाम रखा गया। इस पर 200 करोड़ रुपये के उपदान की देनदारियां चुकाने को हैं। महिलाओं को 1500-1500 देने की योजना के लिए लाहौल स्पीति जिला को चुना गया, जहां बहुत कम महिलाएं हैं। आपदा राहत के आवंटन में बड़ा घोटाला निकलेगा। पात्रों को राहत राशि नहीं दी जा रही है।

संजय रतन ने लाया प्रस्ताव, रवि ठाकुर ने समर्थन किया
ज्वालामुखी के कांग्रेस विधायक संजय रतन ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की सरकार बेहतरीन कार्य कर रही है। प्रदेश में नशे की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश का कोई ऐसा वर्ग नहीं, जो राज्य में विकास कार्याें से अनछुआ रहा हो। राज्य में प्राकृतिक आपदा आई। इसके बावजूद सरकार ने राहत कार्यों की दिशा में बहुत बेहतरीन कार्य किए हैं।

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