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स्कूली छात्रों को बड़ा झटका, दो गुणा तक बढ़ी फीस

Tue, 07 Apr 2015 09:39 AM IST
Updated Tue, 07 Apr 2015 09:39 AM IST
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hp board increase rechecking, re evaluation fees.

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हजारों छात्रों को झटका दिया है। अब बोर्ड से पेपरों की रि-चेकिंग और रि-इवेल्यूएशन करवाना महंगा होगा। इसकी फीस में दो गुणा की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब रि-चेकिंग के लिए 300, जबकि रि-इवेल्यूएशन के लिए 400 रुपये फीस अदा करनी होगी। हर वर्ष प्रदेश के हजारों छात्र बोर्ड परीक्षा देते हैं।

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इनमें जहां कुछ अनुत्तीर्ण रहते हैं तो कुछ अपने अंक बढ़ाने को पेपर रि-चेक करवाते हैं। इसके लिए बोर्ड को आवेदन करना पड़ता है और फीस चुकानी होती है। इसके बाद ही बोर्ड रि-चेकिंग और रि-इवेल्यूएशन की अनुमति देता है। अब दो गुणा फीस बढ़ने से छात्रों की जेब और ढीली होगी। इसकी पुष्टि उच्च शिक्षा उप निदेशक जीवन शर्मा ने की है।

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इतनी बढ़ गई फीस

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उन्होंने बताया कि बोर्ड ने हाल ही में फीस बढ़ाई है। उधर, शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी सचिव बलबीर ठाकुर ने कहा कि जनवरी में बैठक में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया था। इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है।

अब ये होंगे शुल्क
बोर्ड ने रि-चेकिंग और रि-इवेल्यूएशन की फीस दो गुणा बढ़ाई है। अब पुनर्मूल्यांकन के लिए 400 और पुनर्निरीक्षण के लिए 300 रुपये वसूले जाएंगे। इससे पहले रि-इवेल्यूएशन शुल्क 200 और रि-चेकिंग शुल्क 150 रुपये लिया जाता था।

बोर्ड परीक्षा में 10-12वीं शामिल
बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं-12वीं के छात्र शामिल होते हैं। प्रदेश में हजारों छात्र परीक्षा देते हैं और परिणाम घोषित होने के बाद अपने परसेंटेज बढ़ाने को यह फार्म भरते हैं। जिला सोलन में 60 उच्च विद्यालय और 103 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। यहां इस वर्ष सैकड़ों छात्रों ने बोर्ड परीक्षा दी है।

इधर स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें

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वहीं, तालमेल की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई को लेकर बना सिस्टम धरातल पर फेल हो चुका है। स्कूलों में दो महीने पहले शुरू हो चुके नए सत्र में नाम की भी पढ़ाई नहीं हो रही। कई स्कूल प्रिंसिपलों ने निशुल्क किताबों का ऑर्डर नहीं भेजा तो कई प्रिंसिपलों ने ऑर्डर तो तैयार कर लिया पर भेजना कहां है, इसकी जानकारी नहीं। बिना किताबें स्कूल में पढ़ाने जा रहे टीचर भी टाइम पास कर रहे हैं।

बच्चे रोज बस्ता लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं पर बिना पढ़े शाम को घर लौट रहे हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि कई जिलों के डिप्टी डायरेक्टर हायर और एलीमेंटरी की ओर से अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है कि किताबों के लिए ऑर्डर कहां करना है। ऊना के रायपुर, भटोली सहित कई स्कूलों को भी विभाग की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।

राजधानी शिमला के स्टोर से अभी तक कुमारसैन स्कूल तक किताबें नहीं पहुंची हैं। डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन शिमला श्याम सिंह ने कहा कि सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। स्कूल विभाग के डिपो से जो किताबें पहुंची हैं, उन्हें ले जाएं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

यहां दें सूचना
जिन स्कूलों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं या ऑर्डर के बावजूद इसका वितरण नहीं हो रहा है, इसकी सूचना 94181-10002 या 97360-10280 पर संपर्क कर सुबह 10:30 से शाम 5:00 बजे तक दे सकते हैं।

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