HP Board 10th Result 2018: मेरिट सूची में बेटियों ने मारी बाजी , ये है टॉपरों का सपना
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टॉप-10 मेरिट सूची में पहले तीन स्थानों पर बेटियों ने बाजी मारी है। टॉप-3 में आए कुल आठ विद्यार्थियों में से सात छात्राएं हैं। परीक्षा परिणाम 63.39 फीसदी रहा, जो कि पिछले साल के मुकाबले करीब 4 फीसदी कम है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की मैट्रिक की मेधावियों की सूची में कुल 58 में से 45 लड़कियां हैं। मात्र 13 लड़कों के नाम टॉप-10 में शामिल हैं।
बोर्ड की मैट्रिक की मेधावियों की सूची में भी खासी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। इसी का नतीजा है कि टॉप-10 में 58 मेधावी हैं। टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि वह भविष्य में किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं और कैसे उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया।
आईएएस बनना चाहती है प्रितांजलि
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान पर रही करसोग की प्रितांजलि सेन आईएएस अफसर बनकर सामाजिक बुराइयों को दूर करना चाहती है। प्रितांजलि ने 700 में से 690 अंक हासिल किए हैं। प्रितांजलि को बचपन से पढ़ाई का ठीक माहौल मिला। उसके पिता विनोद सेन और माता मनीषा सेन शिक्षक हैं।
प्रितांजलि ने बताया कि उसे यह सफलता दिन-रात की कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। प्रितांजलि ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है।
डॉक्टर बनना है अनविक्षा का सपना
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में टॉपर मंडी जिले के बटेड़ा गांव की अनविक्षा शर्मा ने डॉक्टर बनने का सपना संजोया है। अनविक्षा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया। वर्तमान में अनविक्षा ने जमा एक कक्षा में मेडिकल संकाय में दाखिला लिया है।
अनविक्षा डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहती है। अनविक्षा को प्रदेश भर में टॉप करने की सूचना सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने जब स्कूल की प्रधानाचार्य अनुराधा जैन के माध्यम से दी तो उसकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। अनविज्ञा के पिता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अंग्रेजी के प्राध्यापक हैं, जबकि माता रेखा शर्मा टीजीटी (नान मेडिकल) हैं। अनविक्षा का कहना है कि उसका ध्यान पढ़ाई पर रहता है न कि टॉप आने पर।
वैज्ञानिक बनना चाहता है राहुल
प्रदेश भर में दूसरा स्थान पाने वाले राहुल का कहना है कि उनका लक्ष्य वैज्ञानिक बनना है। इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। राहुल भविष्य में वैज्ञानिक बनकर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। राहुल के पिता प्रीतम सिंह पेशे से किसान हैं और माता गृहणी है। राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और शिक्षकों को दिया है।
डॉक्टर बनना चाहती है श्रेया सहजेटा
दसवीं कक्षा की मेरिट सूची में तीसरे स्थान पर रही अराधना पब्लिक स्कूल रोहड़ू की छात्रा श्रेया सहजेटा डॉक्टर बनना चाहती है। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय वह अभिभावकों और स्कूल के शिक्षकों को देती है। इस उपलब्धि से श्रेया के पिता देवी सरन सहजेटा तथा माता अलका सहजेटा भी उत्साहित है। श्रेया जुब्बल तहसील के झड़ग गांव की निवासी हैं।
सोनम बनेगी नौ सेना अधिकारी
सोनम ने सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों और माता-पिता को दिया है। सोनम ने बताया कि वह भविष्य में नौ सेना में अधिकारी बनकर देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करना चाहती हैं। वहीं सिरमनी की सोनाली ठाकुर ने 687 अंक लेकर चौथा स्थान हासिल किया।
सोनाली बनेगी आईएएस
सोनाली के पिता गंधर्व कुमार पूवै सैनिक हैं। वर्तमान में गुजरात में निजी कंपनी में कार्यरत हैं। माता सरपंचना देवी निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। सोनाली ने सीविल सर्विसेज में जाकर लोगों की सेवा करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बलाना की शिखा ने 682 अंक लेकर नौंवा स्थान हासिल लिया। शिखा के पिता मनोज कुमार सेना में कार्यरत हैं। माता बेबी ग्रहणी हैं। शिखा ने अपनी सफलता का श्रेया अध्यापकों खासकर गणित की अध्यपिका नंदिता को दिया। शिखा ने भी सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
मंझगराम की राधवी ने 682 अंक लेकर नौंवा स्थान हासिल किया। पिता रंजीत सिंह पूर्व सैनिक हैं। माता सूक्ष्म बाला गृहणी हैं। राधवी ने अपनी सफलता का श्रेय गणित की अध्यापिका नंदिता के साथ माता -पिता को दिया है। राधवी आईपीएस अधिकारी बनना चाहती हैं। स्कूल के निदेशक नेत्र सिंह पठानिया, चेयरमेन कंचन भडवाल, प्राधानाचार्य सुषमा गुलेरिया ने बच्चों का मुहं मीठा करवाया। साथ ही बेहतर भविष्य की कामना की।
निहारिका शर्मा का ये सपना
निहारिका के पिता संजीव कुमार जुखाला स्कूल में प्रवक्ता है। जबकि माता रीना कुमारी हिमस्र्वोदय स्कूल में अध्यापिका है। निहारिका का कहना है कि वह दिन में पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी, जिसकी बदौलत आज वह इस मुकाम तक पहुंची है।
वंशिता ने दसवीं की मेरिट लिस्ट में झटका तीसरा स्थान
दसवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम वीरवार को घोषित हुुआ। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगढार की छात्रा वंशिता ने मेरिट लिस्ट में तीसरा पायदान कब्जाया है। बगढार गांव की रहने वाली वंशिता ने सात सौ में से 688 अंक हासिल कर जिला का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
वंशिता के पिता बालक राम दुकानदार है। जबकि माता राज कुमारी एक कुशल गृहणी है। बेटी की इस उपलब्धि पर जहां पिता फर्क महसूस कर रहे है तो वहीं माता खुशी से फूूले हीं नहीं समां रही है। वहीं दूसरी तरफ वंशिता द्वारा मेरिट में तीसरा स्थान हासिल करने पर स्कूल प्रशासन गदगद है।
इस मौके पर स्कूल प्रशासन की ओर से छात्रा को स्कूल में मीठा मुंह करवाया गया। इस मौके पर स्कूल प्रधानाचार्य रफीक आलम भी मौजूद रहे। अमर उजाला से रूबरू होते हुए वंशिता ने बताया कि उसका लक्ष्य शिक्षक बनना है। बकौल वंशिता माता-पिता व अध्यापकों के आर्शीवाद से ही यह कामयाबी हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्टाफ काफी बेहतरीन तरीके से पढ़ाते है। वंशिता ने बताया कि वे दिन में करीब चार घंटे पढ़ाई करती थी।
विश्व का बेहतरीन न्यूरो सर्जन बनना चाहती है रिधिमा
प्रदेश शिक्षा बोर्ड की दसवीं की मेरिट सूची में तीसरे स्थान पर रही करियर अकादमी स्कूल नाहन की रिधिमा दुनिया का सबसे अच्छा न्यूरो सर्जन बनना चाहती है। प्रधानाचार्य पिता संजय कुमार व माता विज्ञान अध्यापिका मीरा कुमार की बेटी रिधिमा ने बताया कि वह अपनी सफलता से बेहद खुश हैं।
उन्होंने बताया कि 5-6 घंटे पढ़ाई कर उन्हें यह कामयाबी मिली है। रिधिमा ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता के साथ अपने शिक्षकों को दिया है।
प्रवासी मजदूर की बेटी ने दसवीं में लिए 95 प्रतिशत अंक
शिक्षा किसी विशेष धर्म, जाति या समुदाय की बपौती नहीं है। यह एक ऐसी कला है जिसे अगर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से सीखा जाए तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल नहीं होता। हरनोड़ा के नैहर में स्थित कोल वैली पब्लिक स्कूल की छात्रा ज्योतिमा चौधरी ने कुल अंक 700 में से 662 अंक लेकर 95 प्रतिशत स्कोर के साथ स्कूल में पहला स्थान हासिल किया है।
उतर प्रदेश के बस्ती जिले से यहां करीब पंद्रह साल पूर्व मेहनत मजदूरी करने आए युगल सुरेश चंद्र ने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी आड़े नहीं आने दी। सुरेश चंद्र बताते हैं कि ज्योतिमा की माता सुमन गृहणी है, लेकिन परिवार की नैया चलाने में मदद भी करती है। विपरीत परिस्थितियों में भी ज्योतिमा की पढ़ाई पर कोई आंच नहीं आने दी।
इसी स्कूल की प्रियंका ने 639 अंकों के साथ द्वितीय स्थान हासिल किया। कोलवैली नर्सिंग संस्थान के चडेयरमैन सुलेख चंद राणा व प्रबंध निदेशिका अंजना ठाकुर व जगदीश ठाकुर ने मेधावी बच्चों को बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
स्कूल के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलती है रिया
दसवीं की परीक्षा में मेरिट सूची में दसवें स्थान पर रही एसवीएन पब्लिक स्कूल नाहन की रिया सैनी एयरफोर्स में जाना चाहती है। जाबल का बाग निवासी रिया के पिता रमनदीप सैनी त्रिलोकपुर ट्रस्ट में कार्यरत हैं जबकि माता पूनम सैनी हाउस वाइफ हैं। रिया, रोजाना पांच किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आती हैं।
उसे आने-जाने में दो घंटे लगते हैं। रोजाना गर्मी-सर्दी-बारिश के थपेड़ों ने उसके हौसले जरा भी पस्त नहीं किए। रिया ने बताया कि वह स्कूल के अलावा रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करती थी। उसकी सफलता का श्रेय उसके शिक्षकों और माता-पिता को जाता है।
आईआईटी में जाना चाहती है आंचल सैनी
मेरिट सूची में नौवें स्थान पर रही कॅरिअर अकादमी स्कूल की आंचल सैनी आईआईटी में जाना चाहती हैं। बेहद सौम्य और मधुरभाषी आंचल सैनी ने बताया कि उसके पिता सुनील सैनी किसान और माता कुसुम सैनी हाउस वाइफ हैं।
वह सफलता से बहुत खुश हैं। आयुषी ने बताया कि वह रोजाना स्कूल के अलावा 4-5 घंटे पढ़ाई को देती हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता को दिया है। अभिभावकों में खुशी की लहर है।
कृषक के बेटे ने रोशन किया सरकारी स्कूल का नाम
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा का वार्षिक परिणाम घोषित कर दिया है। टॉप टेन में कुल्लू जिला के विद्यार्थियों का भी दबदबा रहा है। इसमें किसान, व्यवसायी और नौकरी पेशा लोगों के बच्चे शामिल हैं। बोर्ड की परीक्षा में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी दिखा दिया कि वह किसी से कम नहीं है।
राजकीय आदर्श माध्यमिक पाठशाला भुट्टी के छात्र अभिषेक ने रात दिन पढ़ाई कर सूबे में 683 अंक लेकर आठवां प्राप्त किया है। उनके माता-पिता किसान हैं ओर खेतीबाड़ी कर अपने बच्चे की पढ़ाई कर रहे हैं। पिता प्रताप चंद और माता शीला देवी ने बेटे की इस उपलब्धि पर हर्ष जताया है। पिता प्रताप ने कहा कि वह अपने बेटे की पढ़ाई को किसी तरह की कमी नहीं रखेंगे।
वहीं स्नो वैली सीनियर सेकेंडरी स्कूल बजौरा की छात्र अनमोल और सलोनी के पिता व्यवसायी व माता गृहणी है। वहीं इसी स्कूल की छात्रा साक्षी के पिता बिजली बोर्ड में वरिष्ठ सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं और माता गृहणी है।
लगवैली के सीसे स्कूल भुट्टी के प्रिंसिपल अमर चंद कटोच ने कहा कि छात्र अभिषेक ने स्कूल के साथ अपने माता-पिता व जिला कुल्लू का नाम रोशन किया है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा में अव्वल आने से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी।