HP Assembly Session: मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चला गया।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री के जवाब से असंतोष जताते हुए विपक्ष ने वीरवार को सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चला गया। विपक्ष उस वक्त उखड़ा जब मुख्यमंत्री भाजपा की ओर से शराब घोटाले का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के ठेके में उल्टा चोर कोतवाल को डांटने वाली बात है। वर्तमान सरकार ने तो आबकारी विभाग में आमदनी बढ़ाई। प्रदेश की संपदा को लुटने से बचाया। इस पर भड़के विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और हंगामा करते हुए वे सदन से बाहर चले गए।
अब जो कच्चे चिट्ठे पर आ रहे हैं तो यह सब जयराम ठाकुर के खिलाफ : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अब जो कच्चे चिट्ठे पर आ रहे हैं तो यह सब जयराम ठाकुर के खिलाफ हैं। यह उनकी छवि को दागदार करने के लिए हैं। अभी तो पक्का चिट्ठा आएगा। जयराम जी, आप अपनी कुर्सी को संभालें। मैं भी आपका शुभचिंतक हूं। आपको सुझाव दे रहा हूं। सुक्खू ने कहा कि पत्र बम मामले में भाजपा विधायक जनक राज का कार्यालय शामिल पाया गया। विधायक ने उनसे माफी मांगी। जांच हुई तो विधायक जनक राज को पुलिस स्टेशन बुलाया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक ने अपलोड किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिस अमोल ठाकुर नामक व्यक्ति ने इसे लिखा, वह असल में कोई नहीं है।
सुक्खू ने कहा कि जो शौंगटोंग प्रोजेक्ट में तमाम प्रक्रियाओं को जयराम ठाकुर की सरकार ने अंजाम दिया। भाजपा एक आरोप यह लगा रही है कि एचआरटीसी के नाम पर 6.70 करोड़ रुपये जगह ली गई। आज यह 20 करोड़ रुपए की है। हाउसिंग बोर्ड से इन लोगों ने 50 हजार रुपये में नाले की जगह खरीद ली। इनके पेपर लीक कर लोगों से धोखा किया। आज भी 44 लोगों को सलाखों के पीछे डाला गया। इनके कार्यकाल में 100 करोड़ रुपए की यमुनानगर की जगह 4 करोड़ में बेच दी। इन्होंने जाते-जाते फैसला किया। हमने सत्ता में आते ही कैबिनेट से इसे रद्द किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी ने जिस ज्ञान चंद को पकड़ा है। वह मेरा समर्थक नादौन में रहा है। वह लोकसभा में अनुराग का समर्थक रहा है। देहरा में रमेश धवाला का समर्थक है। उनको ब्रिक्रम ठाकुर ने क्रशर दिलाया। इन लोगों के समय में ही इसका क्रशर दिलाया गया।
भ्रष्टाचार के आरोपों को छोड़ कर उससे हटकर की चर्चा : जयराम ठाकुर
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को छोड़ कर उससे हट कर चर्चा कर रही है। प्रदेश सरकार के पास सैलरी और पेंशन देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन अपने दो वर्ष के कार्यकाल का जश्न मनाने के लिए 25 करोड़ रुपये फूंक दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता सदन में 30-35 मिनट तक चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देने के बजाय विभागों पर ही अपना वक्तव्य दे रहे हैं। कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री से इस कद्र भयभीत हैं कि वे उनके किसी भी फैसले पर अंगुली तक नहीं उठाते हैं।
आज प्रदेश की जनता का कांग्रेस सरकार पर भरोसा ही समाप्त हो गया है। सरकार ठीक से काम करे, यह हमारा काम है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार के हिसाब से विपक्ष ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक कांग्रेस सरकार के दो साल के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा रखा है, पक्का चिट्ठा अभी बाद में आएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब भाजपा सरकार सत्ता में थी तो उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने उस अधिकारी को हटा दिया था, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन में ऐसा क्या हो गया कि आज विपक्ष को वही अधिकारी अच्छा लग रहा है और उसे सेवा विस्तार तक दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कभी भी चले हुए होटलों को बंद नहीं किया। लेकिन कांग्रेस सरकार ने दो साल में ही निगम के होटलों को घाटे में दर्शा कर बंद करने की बात कह कर उन्हें निजी हाथों में सौंपने की बात कर दी।
ऐसी कौन सी वॉशिंग मशीन भाजपा के पास है, जिसमें सारे दाग साफ हो जाते हैं : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ऐसी कौन सी वॉशिंग मशीन भाजपा के पास है, जिसमें सारे दाग साफ हो जाते हैं। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए वर्ष 2013-2017 तक सहकारी बैंक के चेयरमैन रहे हर्ष महाजन पर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड कर बैंक का चेयरमैन बनने के आरोप लगाए। जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री बने तो विजिलेंस जांच शुरू करवाई। पहले कहा कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ हुई है और बाद में क्लीन चिट दे देते हैं। भाजपा में जाते ही यह दागदार व्यक्ति बेदाग कैसे हो गया।
सरकार ने ध्वनि मत से निंदा प्रस्ताव पारित किया: हर्षवर्धन चौहान
उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन के समापन के बाद सदन से बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा मांगी थी, जिस पर दो दिन सदन में विस्तृत चर्चा हुई। पूर्व की जयराम ठाकुर की भाजपा सरकार के समय बहुत घोटाले और भ्रष्टाचार हुआ था, मुख्यमंत्री ने जब उनका चिट्ठा खोलना शुरू किया और जब मुख्यमंत्री जवाब दे रहे थे तो पूरा जवाब न सुनकर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सदन से वाकआउट कर बाहर चले गए। इस पर सरकार ने ध्वनि मत से निंदा प्रस्ताव पारित किया है। चौहान ने कहा कि पिछले कल भी विपक्ष बाहरी मन से तर्कहीन चर्चा कर रहा था। हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ कि एक चुनी हुई सरकार ने विपक्ष को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दी है। हमारी सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ, अगर ऐसा हुआ होता तो सरकार भ्रष्टाचार पर चर्चा के लिए नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव को अनुमति न देती। किस प्रकार राज्यसभा में वोटिंग के लिए कांग्रेस के विधायकों को खरीदा गया, सरकार को गिराने का प्रयास हुआ। इसे हमारे सरकार ने मुंह तोड़ जवाब दिया।
सर्वोच्च न्यायालय से भी फटकार लगाई। निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा मंजूर करवाने के लिए विधानसभा परिसर में में धरने पर बैठे। हिंदोस्तान में यह काला कारनामा हिमाचल प्रदेश में हुआ है। देवी देवताओं की भूमि वाले हिमाचल में राजनीति पर दाग लगाने के प्रयास हुए। जब यह चुने हुए विधायक जनता के दरबार में गए तो जनता ने उन्हें ठुकराया और फिर से हिमाचल प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार, उनके नेतृत्व में विश्वास जताया। आज कांग्रेस के सभी विधायक सदन में एकजुट होकर मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। कांग्रेस की सरकार मजबूत है। 2027 में भी सरकार रिपीट होगी। भगवान से विनती है कि नेता प्रतिपक्ष को सद्बुद्धि दें, ताकि वह सदन में विपक्ष के तौर पर सकारात्मक भूमिका निभा सकें। विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार कहने पर भ्रष्टाचार के संबंध में विपक्ष तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाया।