HP Assembly Session: मंत्री नेगी की आरएसएस पर टिप्पणी से तपा सदन, नारे लगाता वेल में पहुंचा नाराज विपक्ष
मंत्री जगत सिंह नेगी के आरएसएस पर आपत्तिजनक टिप्पिणयों से नाराज विपक्ष शुक्रवार को एक बार फिर वेल में पहुंच गया और जमकर नारेबाजी की।
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शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को भी विधानसभा का माहौल गरम रहा। मंत्री जगत सिंह नेगी की आरएसएस पर आपत्तिजनक टिप्पिणयों से नाराज विपक्ष वेल में पहुंच गया और जमकर नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि नेगी के बयान कार्यवाही से हटाए जाएं। तीखी नोकझोंक और अवरोध के बीच प्रश्नकाल जारी तो रहा, लेकिन भाजपा विधायकों ने सदन में मौजूद रहने के बावजूद प्रश्न नहीं पूछे। उन्होंने मंत्री की टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया। बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष को लगभग 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद विपक्ष प्रश्नकाल में शामिल नहीं हुआ। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के हस्तक्षेप के बाद स्थिति कुछ शांत हुई।
अध्यक्ष ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से दिए गए आपत्तिजनक बयान रिकॉर्ड से हटाए जाएंगे। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चली तीखी तकरार के चलते प्रश्नकाल और शून्यकाल प्रभावित हुए। शीत सत्र के लगातार तीसरे दिन भी सदन की दोपहर तक की कार्यवाही गरमागरमी की भेंट चढ़ गई। इससे पहले देरी से सदन में पहुंचे नेता विपक्ष जयराम ठाकुर विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित कर किसी विषय पर बोलने के लिए अनुमति मांगी।
अध्यक्ष ने कहा कि दो दिन से प्रश्नकाल नहीं चल रहा है। ऐसे में प्रश्नकाल चलने दिया जाए। तीन प्रश्न पूछे भी जा चुके हैं। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य नहीं माने। विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलता रहा। केवल सत्तापक्ष के विधायक प्रश्न पूछते रहे। 11 बजकर 25 मिनट पर विपक्ष के सदस्यों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी के साथ तालियां बजाकर आसन का घेराव किया। स्पीकर को 11 बजकर 27 मिनट पर सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। इस बीच स्पीकर ने कहा कि वह बीते दिन भी सदन की सहमति से यह व्यवस्था दे चुके हैं कि चाहे स्थगन प्रस्ताव मंजूर किया जाए तो उस स्थिति में भी प्रश्नकाल चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष बार-बार विपक्ष के सदस्यों को अपनी सीट पर बैठने के लिए कहते रहे, लेकिन विपक्ष नहीं माना। विपक्ष के सदस्य मंत्री नेगी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और मंत्री पर कार्रवाई करने की बात दोहराते रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ विपक्ष की दुर्भावना बढ़ गई है। व्यक्तिगत टिप्पणियों से हर सदस्य को परहेज करना चाहिए। भाजपा के किन नेताओं के खिलाफ केस चल रहे हैं। यह हम भी जानते हैं पर ऐसे मामलों को नहीं उठाते। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये के लिए प्रदर्शन करने को कांग्रेस पार्टी का अधिकार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की ओर से सदन में गतिरोध पैदा करना रोज का काम हो गया है। प्रश्नकाल के लिए विपक्ष के नेता पहले तो सदन में देरी से आए फिर अध्यक्ष से बोलने का आग्रह करने लगे। ऐसे विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलती है। तिरंगे का कांग्रेस पूरा सम्मान करती है। कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रदर्शन करने का निर्णय हुआ था। प्रदर्शन को मुख्यमंत्री या कोई मंत्री ही लीड करेगा।
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्व मंत्री व्यवस्थाओं को तहस-नहस कर रहे हैं। एक व्यक्ति के कारण पूरी सरकार कटघरे में खड़ी हो गई है। मुख्यमंत्री को एक व्यक्ति को सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। इन्हें अधिक ताकत देने की जगह नियंत्रित करने की आवश्यकता है। आरएसएस पर बिना तथ्यों के मंत्री की ओर से बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए नेता विपक्ष ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरएसएस विश्व की सबसे बड़ी वैचारिक संस्था है। ऐसे में इस संबंध में दिए आपत्तिजनक बयान रिकॉर्ड से हटाए जाने चाहिए। नेता विपक्ष ने कहा कि वीरवार को नियम 67 के तहत चर्चा में राजस्व मंत्री ने टिप्पिणयां कीं। महात्मा गांधी की हत्या के मामले में भी गलत बयान दिए गए। शुक्रवार को भी सदन की कार्यवाही नहीं चलने के लिए राजस्व मंत्री जिम्मेवार हैं। देश के गठन, समाज के विकास में आरएसएस का बड़ा योगदान रहा है। मंत्री नेगी को सदन में माफी मांगनी चाहिए। शुक्रवार को सेवानिवृत्त कर्मचारी धर्मशाला में प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा ने उनके समर्थन में परिसर में प्रदर्शन किया। तभी कांग्रेस के विधायक और मंत्री भी उसी स्थान पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी।
भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि आरएसएस सदन में प्रत्यक्ष तौर पर मौजूद नहीं है। हम सदन के अंदर और बाहर संघ के स्वयंसेवक हैं। मंत्री नेगी की ओर से आरएसएस पर की गईं टिप्पणियां दुखद हैं। आरएसएस देश शक्ति सिखाती है। सनसनी बातें करना ठीक नहीं है। परमार ने कहा कि आरएसएस हमेशा देश के विभाजन के खिलाफ रहा। मुस्लिम लीग, कांग्रेस और ब्रिटिश सरकार के चलते भारत का विभाजन हुआ। मंत्री नेगी की ओर से संघ को फासिस्ट कहना गलत है। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर अधिकांश राज्यों में मुख्यमंत्री और राज्यपाल स्वयंसेवक ही हैं।
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा के नेता हमारे दल की तारीफ तो नहीं करते फिर हम कैसे करें। मंत्री नेगी ने किसी भी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं की है। दोनों पक्षों की ओर से कुछ गलत बयान दिए गए हैं, जिन्हें रिकॉर्ड से हटाना चाहिए। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर को बयानबाजी को निजी तौर पर नहीं लेना चाहिए। भाजपा के विधायक तो घरों की लड़ाइयों को सदन में उठाते हैं। अगर हम एक-दूसरे पर आरोप लगाएंगे तो वह दुखद होगा। विधायक सतपाल सिंह सत्ती के कई आपत्तिजनक बयान दिए हैं। उन्हें भी हटाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्यवस्था देते हुए कहा कि मुद्दों से हटकर चर्चा के दौरान दिए सभी बयान रिकॉर्ड से हटाए जाएंगे। जब चर्चा में विपक्ष मौजूद ही नहीं रहता तो बयान कटवाने काे कौन आवाज उठाएगा। वीरवार को भी ऐसा ही हुआ। ऐसी स्थिति में किसी को भी बोलने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि मैं बीते दो दिन से आग्रह कर रहा हूं कि विषय से बाहर कोई न जाए लेकिन दोनों पक्षों के सदस्य चर्चा से भटके। भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन पर अध्यक्ष ने कहा कि अब दोनों दलों को विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करने के लिए पहले मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन का किसी भी दल ने विधानसभा सचिवालय को नोटिस नहीं दिया। भविष्य में नोटिस देने के बाद ही प्रदर्शन की मंजूरी मिलेगी। कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए दोनों दलों को प्रदर्शन के लिए अलग-अलग समय और स्थान दिए जाएंगे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कांग्रेस सरकार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री की ओर से विधानसभा में दिए गए वक्तव्य से साफ झलकता है कि मंत्री मानसिक संतुलन खो चुके हैं और बिना किसी तथ्य के भाषा की मर्यादा तोड़ते हुए अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर टिप्पणी करने से पहले जगत नेगी को दस बार सोचने की जरूरत है। एक ऐसा संगठन जो 1925 से निरंतर देशहित, समाजहित और व्यक्ति निर्माण के कार्यों में समर्पित रहा है, उसके खिलाफ काल्पनिक एवं निराधार आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और कांग्रेस की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। कटवाल ने कहा कि कांग्रेस मंत्री की ओर से संघ की छवि खराब करने की कोशिश पर उन्हें तुरंत सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। कटवाल ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री मीडिया में बने रहने के लिए गपोड़शंख की तरह बयानबाजी करते हैं। जमीन पर जनता के लिए काम करने में उनकी कोई रुचि नहीं है।
संजीव कटवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस मंत्री जगत नेगी के बेटे की कारगुजारियां सार्वजनिक हुई हैं। इसमें घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और धमकियों जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा का ढोल पीटने वाली कांग्रेस सरकार बताए कि मंत्री के पुत्र पर कार्रवाई कब करेगी। क्या कांग्रेस सरकार महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर भी राजनीतिक चश्मा लगाकर निर्णय लेती है। भाजपा और प्रदेश की जनता मंत्री पुत्र पर लगे गंभीर आरोपों पर चुप्पी को बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस को तुरंत इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।