HP Assembly Budget Session: पहले चरण में तीन दिन का ही होगा बजट सत्र, फिर लगेगा ब्रेक; जानें क्या बोले स्पीकर
बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अभी तीन बैठकें रखी गई हैं।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पहले चरण में तीन दिन 16 से 18 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद ब्रेक होगा। दूसरे चरण की तिथियां राज्य सरकार से विधानसभा को कार्य सूची मिलने के बाद तय होंगी। बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बैठक का आयोजन किया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए स्पीकर ने कहा कि अभी तीन सीटिंग रखी गई हैं। सभी विधायक अपने प्रश्न दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के तीन हिस्से होते हैं। पहले राज्यपाल का अभिभाषण होता है। उसके बाद चर्चा होती है, जैसे ही चर्चा समाप्त होती है तो बजट का प्रस्तुतीकरण होता है।
सुरक्षा व्यवस्था संबंधित बैठक भी हुई
शिमला चौदहवीं विधानसभा के ग्यारहवें सत्र यानी बजट सत्र के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था संबंधित बैठक का आयोजन विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में किया गया, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की। इस बैठक में प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह, वन एवं राजस्व, केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी, जिलाधीश शिमला अनुपम कश्यप, महानिरीक्षक सतर्कता संतोष पटियाल समेत कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अभी पहले चरण की शुरुआत हो रही है। सरकार की ओर से कार्य सूची अभी दी जानी है। वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र ने आरडीजी को बंद कर दिया है, ऐसे में अब बजट को नए सिरे से तैयार किया जाना है। इसमें समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन के बजाय हस्तलिखित माध्यम से जारी किए जाएंगे। चूंकि अभी हाल ही में हिमाचल ई-विधान को छोड़कर राष्ट्रीय ई-विधान यानी नेवा को अपनाया है, जिसका कार्य अभी प्रगति पर है।
परिसर में तैनात होंगे 500 के करीब जवान
बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान करीब 500 जवान सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किए जाएंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि विस परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्क करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद के सदस्यों से आगंतुक और जनप्रतिनिधि मंडल विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में ही समय मिलने पर मिल सकेंगे। पुलिस विभाग और सीआईडी के अधिकारी आपसी तालमेल से इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, जिससे किसी भी तरह की असुविधा न हो। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा में कोई भी चूक कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।