पंचायत सहायकों पर आया बड़ा फैसला, अब मिलेंगे सभी लाभ
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सालों से पंचायत सहायक के तौर पर सेवाएं दे रहे पंचायतों सहायकों के लिए अच्छी खबर आई है। पंचायत सचिव से डिमोट हुए पंचायत सहायकों को सरकार को आठ वर्ष पूरा होने की तिथि से अनुबंध पर लेना होगा। सरकार को इन पंचायत सहायकों को पंचायत सचिव पद के लाभ देने होंगे।
प्रशासनिक ट्रिब्यूनल मंडी सर्किट बेंच ने इस बाबत एक अहम फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने आठ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके पंचायत सहायक को पंचायत सचिव के पद पर अनुबंध कर्मचारी के रूप में सेवा लाभ देने के आदेश सरकार को दिए।
प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में मोहन सिंह बनाम सरकार मामला चल रहा था। मोहन सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि उसे सरकार ने आठ साल पूरे करने पर पंचायत सचिव के रूप में अनुबंध पर लिया था, लेकिन कुछ समय बाद सरकार ने निर्णय वापस लेकर पंचायत सहायकों को डिमोट कर दिया था।
कई सचिवों से सरकार ने की थी रिकवरी
कई पंचायत सचिवों से सरकार ने 50 हजार की रिकवरी भी की थी। मोहन सिंह के मामले में एडवोकेट टेक चंद शर्मा ने स्टे ले रखा था। मोहन सिंह के अलावा पांच जिलों मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और हमीरपुर के 20 अन्य पंचायत सहायकों ने एडवोकेट टेक चंद शर्मा के माध्यम से अपील दायर की थी कि उन्होंने काफी समय से आठ साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन सरकार उन्हें अनुबंध पर नहीं ले रही है।
इस पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल डीके शर्मा की एकल पीठ ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि इन्हें आठ साल पूरा होने के दिन से ही पंचायत सचिव के पद पर अनुबंध का पात्र मानते हुए लाभ दिए जाएं। कई पंचायत सहायक 11 वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं।
उन्हें अनुबंध पर नहीं लिया जा रहा है। ट्रिब्यूनल के फैसले से प्रदेशभर में पंचायत सहायकों को लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। फैसले से प्रदेश भर में सरकार के फैसले से प्रभावित हुए पंचायत सहायकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।