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बिजली गुल, ठंड में ठिठुरे लोग
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शिमला के फागली में टूटे बिजली के खंभे। संवाद
- फोटो : SHIMLA CITY
शिमला। बर्फबारी से जिले के कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। इससे लोगों को कंपकंपाती ठंड में परेशानियों का सामना करना पड़ा। शिमला शहर के जाखू, अपर सांगटी, घोड़ा चौकी, कच्ची घाटी क्षेत्र में एलटी लाइनों पेड़ गिर गए थे। इससे शहर में करीब एक दर्जन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति घंटों प्रभावित रही। माइनस डिग्री तापमान में लोग ठंड में ठिठुरते रहे। उधर, बर्फबारी से चौपाल और ठियोग उपमंडल में अभी भी 450 बिजली ट्रांसफर ठप पड़े हैं। इसके अलावा शिमला सर्किल की 75 सड़कें भी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हैं।
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक शिमला सर्कल की बर्फबारी से 238 सड़कें प्रभावित हुईं। सोमवार को 146 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में 11 सड़कें अब भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा ठियोग की 40 और चौपाल की 24 सड़कों को खोलने का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। ठियोग और चौपाल क्षेत्र में बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में ब्लैक आउट हो गया है। जिले के दुर्गम क्षेत्र हुली से जिकनीपुल एचटी लाइन में भी विद्युत बोर्ड के कर्मचारी देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
शिमला-मंडी हाईवे पर बर्फबारी में फिसलन के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपायुक्त आदित्य नेगी ने भी इस दौरान क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घनाहट्टी, टुटू, हीरानगर, नालटु, ढैंढा, तवी मोड़ और बालूगंज क्षेत्र में फिसलन के कारण सड़क पर आवाजाही ठप हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर केएच नेगी ने बताया कि सड़क पर रेत बजरी डालने के बाद 11 बजे सड़क को वाहनों के लिए सुचारु कर दिया गया।
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डीसी ने बिजली आपूर्ति बहाल करने के दिए निर्देश
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मुख्य मार्गों व संपर्क मार्गों को यातायात के लिए बहाल करनेे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शहर के सभी मुख्य सड़कों को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। उन्होंने फिसलन वाली जगहों पर रेता फेंकने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बिजली बोर्ड को आपूर्ति बहाल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चौपाल, रोहडू, रामपुर एवं ठियोग में मुख्य मार्गों पर से बर्फ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
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लोक निर्माण विभाग के मुताबिक शिमला सर्कल की बर्फबारी से 238 सड़कें प्रभावित हुईं। सोमवार को 146 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में 11 सड़कें अब भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा ठियोग की 40 और चौपाल की 24 सड़कों को खोलने का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। ठियोग और चौपाल क्षेत्र में बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में ब्लैक आउट हो गया है। जिले के दुर्गम क्षेत्र हुली से जिकनीपुल एचटी लाइन में भी विद्युत बोर्ड के कर्मचारी देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
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शिमला-मंडी हाईवे पर बर्फबारी में फिसलन के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपायुक्त आदित्य नेगी ने भी इस दौरान क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घनाहट्टी, टुटू, हीरानगर, नालटु, ढैंढा, तवी मोड़ और बालूगंज क्षेत्र में फिसलन के कारण सड़क पर आवाजाही ठप हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर केएच नेगी ने बताया कि सड़क पर रेत बजरी डालने के बाद 11 बजे सड़क को वाहनों के लिए सुचारु कर दिया गया।
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डीसी ने बिजली आपूर्ति बहाल करने के दिए निर्देश
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मुख्य मार्गों व संपर्क मार्गों को यातायात के लिए बहाल करनेे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शहर के सभी मुख्य सड़कों को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। उन्होंने फिसलन वाली जगहों पर रेता फेंकने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बिजली बोर्ड को आपूर्ति बहाल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चौपाल, रोहडू, रामपुर एवं ठियोग में मुख्य मार्गों पर से बर्फ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।