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हिमाचली अंदाज में मिलेगा चीन का फूल
अखिलेश महाजन/अमर उजाला, सोलन
Updated Sun, 12 Oct 2014 11:04 PM IST
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चीन का गुलदाऊदी और साउथ अफ्रीका की गलैड्लस फूल अब भारतीय बाजारों में हिमाचली अंदाज में मिलेगा। नौणी विश्वविद्यालय के पुष्प विज्ञान विभाग ने दोनों फूलों की प्रजातियों के पेरेंट्स मैच कर 60 नई किस्में तैयार करने का दावा किया है।
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इनमें से दो किस्मों को पुष्प विज्ञान निदेशालय पुणे ने हरी झंडी देकर राष्ट्र स्तर पर जारी करने का ऐलान किया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि पुष्प उत्पादन में हिमाचल के नाम से पहली बार दो प्रजातियां राष्ट्र स्तर पर मंजूर हुई है। सोलन में तैयार इन फूलों को सोलन मंगला (गुलदाऊदी) और सोलन शृंगार (गलैड्लस) नाम दिया गया है।
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सोलन मंगला की एक स्टिक में 9 फूल लगते हैं जबकि दोनों फूल गर्मियों में 9 और सर्दियों में 18 दिन फ्रेश रहेंगे। ये किस्में कम उपजाऊ भूमि में भी तैयार हो जाती है जबकि इन्हें पानी की भी अधिक जरूरत नहीं होती है। बाजार में एक स्टिक 9 रुपये तक बिकती है। खास बात है कि ये फूल रोग रहित हैं। पैदावार में ज्यादा देखभाल की आवश्यकता नहीं होती।
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विवि के कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनाें बीज विवि में उपलब्ध हैं। एक गांठ की कीमत महज 3 से 4 रुपये है।
चौदह साल बाद मिली सफलता
सोलन शृंगार किस्म तैयार करने वाले पुष्प विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सीता राम धीमान और सोलन मंगला तैयार करने वाले डॉ. वाईसी गुप्ता ने कहा कि 14 साल बाद उन्हें सफलता मिली है। ऑल इंडिया फ्लोरीकल्चर इंप्रूवमेंट के तहत प्रोजेक्ट मिला था जिस पर 2000 में काम शुरू हुआ। 2014 में इन दोनों फूलों की ये प्रजातियां तैयार हुई हैं।
इन राज्यों में खासी डिमांड
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, गोवा, चंडीगढ़ और पंजाब में इन प्रजातियों की खासी डिमांड है। सोलन मंगला स्टिक में आता है जबकि शृंगार गुलाब की तरह अलग होता है।