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बागवानी विभाग ने लीची खाने से चमकी बुखार की अटकलों को नकारा
Sat, 29 Jun 2019 11:00 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 29 Jun 2019 11:00 PM IST
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लीची
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के बागवानी विभाग ने सोशल मीडिया पर लीची के सेवन से बीमार होने को लेकर लगाई जा रही अटकलों का खंडन करते हुए कहा है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल एक दुष्प्रचार है।
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विभाग के एक प्रवक्ता ने शनिवार यहां कहा कि आजकल सोशल मीडिया में बिहार में बच्चों में चमकी बुखार के मामलों को लीची खाने से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है। लीची विशेषज्ञों के अनुसार लीची एक पौष्टिक फल है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है और खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
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प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल के 5875 हेक्टेयर क्षेत्र में बागीचे हैं, जिनमें से अकेले जिला कांगड़ा में 3303 हेक्टेयर क्षेत्र लीची के अंतर्गत है। प्रदेश में कुल 5467 टन लीची फल का उत्पादन होता है। जिला कांगड़ा में 3817 टन लीची पैदा होती है।
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