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कारोबारियों पर नकेल: प्रदेश में जमाखोरी, मुनाफाखोरी अधिनियम लागू
Wed, 10 Nov 2021 10:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 10 Nov 2021 10:27 AM IST
सार
जमाखोरी, मुनाफाखोरी अधिनियम लागू होने से अब थोक कारोबारी 10-10 क्विंटल से ज्यादा आलू प्याज स्टोर नहीं कर सकेंगे।
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प्याज (सांकेतिक)
- फोटो : iStock
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने जमाखोरी, मुनाफाखोरी अधिनियम लागू कर दिया है। अब थोक कारोबारी 10-10 क्विंटल से ज्यादा आलू प्याज स्टोर नहीं कर सकेंगे। प्रदेश में आलू 40 और प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। सरकार ने यह एक्ट 31 मार्च तक लागू करने का फैसला लिया है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए यह सख्त निर्णय लेना पड़ा है।
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उल्लेखनीय है कि पहले भी महंगाई के चलते विभाग बाजारों में छापामारी करते थे। जिन कारोबारियों के पास निर्धारित से ज्यादा आलू-प्याज मिलता था, उन्हें जुर्माना होता था। कई कारोबारियों का सामान जब्त किया जाता था। कारोबारियों के खिलाफ मुकदमे तक दर्ज होते थे।
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विभाग की ओर से कार्रवाई के बाद कारोबारियों ने इस एक्ट को निरस्त करने को लेकर सरकार से मामला उठाया था। सरकार ने बजट में इसे निरस्त कर अधिसूचना जारी कर दी। इसके बाद कारोबारी जरूरत से ज्यादा आलू-प्याज स्टोर कर लेते थे, लेकिन अब जिस तरह से प्रदेश में महंगाई बढ़ रही है, इसको कंट्रोल करने के लिए एक्ट फिर लागू किया है।
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कोरोना के चलते भी 6 महीने के लिए लागू किया था एक्ट
प्रदेश में जब कोरोना चरम पर था तो उस समय भी छह महीने के लिए इस जमाखोरी, मुनाफाखोरी एक्ट लागू किया था। 31 अक्तूबर को इसका समय खत्म हो गया था। अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।