एमएस/एमडी चयन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट का अहम फैसला
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में एमडी और एमएस स्नातकोतर कोर्स के लिए सीटों को रोस्टर प्रणाली के आधार पर भरने वाली अधिसूचना को रद कर दिया है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर इन कोर्स के लिए फिर से चयन प्रक्रिया अमल में लाएं और मेरिट के आधार पर इन सीटों को भरें।
सरकार को 7 दिन में फिर से चयन प्रक्रिया अमल में लाने को कहा
याचिका में आरोप लगाया था कि आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में एमडी और एमएस स्नातकोतर कोर्स के लिए सीटों को रोस्टर प्रणाली के आधार पर भरा जा रहा है। मेरिट को दरकिनार किया जा रहा है जोकि न्यायसंगत नहीं है। 19 जून 2009 को राज्य सरकार की ओर से जारी उस अधिसूचना को प्रार्थी ने याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी।
जिसके तहत आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में एमएस और एमडी स्नातकोतर कोर्स के लिए सीटों को रोस्टर प्रणाली के आधार पर भरने का निर्णय लिया था। प्रार्थी ने अदालत से उक्त अधिसूचना को रद करने और इन सीटों को मेरिट के आधार पर भरने की गुहार लगाई थी।