फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Hindi-English translation of Kangri dialect was done with the help of AI, experts developed model.

Himachal: कांगड़ी बोली का एआई की मदद से हुआ हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद, एनआईटी विशेषज्ञों को मिली सफलता

Thu, 14 Dec 2023 10:47 AM IST
Krishan Singh कमलेश रतन भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
कमलेश रतन भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Thu, 14 Dec 2023 10:47 AM IST
सार

प्रदेश की कांगड़ी बोली का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद संभव हुआ है। एनआईटी हमीरपुर के शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने इसमें सफलता हासिल की है। 

विज्ञापन
Hindi-English translation of Kangri dialect was done with the help of AI, experts developed model.
पीएचडी स्कॉलर श्वेता चौहान और शेफाली, सहायक प्रोफेसर पी डेनियल - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की कांगड़ी बोली का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद संभव हुआ है। एनआईटी हमीरपुर के शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने इसमें सफलता हासिल की है। एडवांस्ड कंप्यूटर की मदद से कांगड़ी बोली के अनुवाद के लिए एक मॉडल विकसित किया है। हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग ने भी इस प्रोजेक्ट में मदद की है। प्रथम चरण में दो लाख कांगड़ी वाक्यों का अनुवाद किया गया है। इस मॉडल को तैयार करने में एनआईटी के इन विशेषज्ञों को दो साल का वक्त लगा है। एआई की मदद से एडवांस्ड कंप्यूटर पर प्रोग्रामिंग कर यह मॉडल विकसित किया गया है, जल्द ही एप बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। इससे आम लोग भी एप का इस्तेमाल कर कांगड़ी का हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद कर सकेंगे।

विज्ञापन


एआई तकनीक के आधार पर तैयार इस मॉडल में प्रथम चरण में कांगड़ी बोली के दो लाख वाक्यों को फीड किया गया है। इस संग्रह में और अधिक वृद्धि की जाएगी। एनआईटी हमीरपुर के इलेक्ट्राॅनिक्स एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर पी डेनियल के निर्देशन में पीएचडी स्कॉलर श्वेता चौहान और शेफाली ने इस मॉडल को विकसित किया है। प्रोजेक्ट में एनआईटी के बीटेक और एमटेक के कई विद्यार्थियों ने सहभागिता सुनिश्चित की है। हमीरपुर निवासी शोधार्थी श्वेता चौहान को कांगड़ी बोली के संर्वद्धन का कार्य करने पर भाषा एवं संस्कृति विभाग ने वूमेन पावर अवार्ड से पुरस्कृत भी किया है। पी डेनियल व श्वेता चौहान का कहना है कि भाषा एवं संस्कृति विभाग का इस प्रोजेक्ट के निर्माण में योगदान रहा है। यूडी टैग उपलब्ध करवाने में शिक्षकों भूपेंद्र भूपी और राजीव त्रिगर्ती ने अहम मदद की है। उन्होंने कहा कि कांगड़ी बोली के लेखकों की मदद से दो लाख वाक्यों का संग्रह विकसित किए मॉडल में फीड किया गया। 
विज्ञापन


यूडी टैग प्लेटफार्म पर पर किया काम
एनआईटी के इन शोधार्थियों ने यूडी टैग प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। कांगड़ी बोली के 300 वाक्यों के टैग यूडी प्लेटफार्म पर दर्ज किए गए हैं, जिससे कांगड़ी बोली के संज्ञा और सर्वनाम की तकनीक के सहारे एप और अन्य सिस्टम में इस्तेमाल किया जा सकेगा। एआई की मदद से कांगड़ी बोली के वाक्यों के संग्रह को इस तकनीक के सहारे अधिक सरलता से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed