प्लॉट और फ्लैट देने में हिमुडा के हाथ खड़े, ब्याज समेत लौटाएंगे पैसा
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हिमुडा ने डिमांड आफ सर्वे के तहत आवेदकों को प्लॉट और फ्लैट देने के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं। हिमाचल के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हिमुडा को जमीन नहीं मिल पा रही है। अब इन क्षेत्रों में आवेदन करने वाले लोगों की सिक्योरिटी राशि पांच फीसदी ब्याज समेत लौटाई जाएगी। बुधवार को आयोजित हिमुडा की बीओडी की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने की।
धूमल सरकार ने 2011-12 में लोगों से प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें 68 हजार लोगों ने 5 हजार रुपये सिक्योरिटी के साथ प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया। कांग्रेस सरकार लोगों को प्लॉट और फ्लैट नहीं दे पाई। अब जयराम सरकार ने भी प्लॉट और फ्लैट देने के बजाय लोगों की सिक्योरिटी वापस करने का फैसला लिया है। करीब 30 हजार आवेदक ऐसे हैं, जिन्हें सिक्योरिटी वापस मिलनी है।
इसके अलावा विकसित कॉलोनियों में 25 प्रतिशत आवासों को आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के सरस्वती नगर में 12.42 करोड़ रुपये की लागत से आठ लेन के 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। सरकार मंडी शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को घर योजना के अंतर्गत गरीब लोगों के लिए आवासों का निर्माण करेगी।
इसके लिए हिमुडा को 8.61 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। बैठक में टेनेंसी अवधि के दौरान हस्तांतरण शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने पर भी बैठक में सहमति प्रदान की गई।
सरकार ने हिमुडा के 750 कर्मचारियों को पहली जुलाई, 2018 से चार प्रतिशत अतिरिक्त अंतरिम राहत और राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान अतिरिक्त महंगाई भत्ते की किस्त जारी कर दी है। हिमुडा में विभिन्न श्रेणियों के 33 पद भरे जाएंगे।