लोगों को प्लॉट और फ्लैट की आस जगी, आवेदकों को राहत देने की तैयारी
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डिमांड ऑफ सर्वे के तहत आवेदन करने वाले लोगों को प्लॉट और फ्लैट की आस जगी है। जाठिया देवी में टाउनशिप बनने का रास्ता साफ हो गया है। अब हिमुडा यहां अधिकांश लोगों को बसाने की तैयारी कर रहा है। आठ साल पहले जिन आवेदकों ने डिमांड ऑफ सर्वे में प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया था।
हिमुडा इन्हें प्राथमिकता देगा। फरवरी 2019 में सरकार यहां टाउनशिप बनाने का काम शुरू करेगी। हिमुडा में 68 हजार लोगों ने पांच हजार रुपये सिक्योरिटी देकर प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया था। इनमें करीब 35 हजार लोगों ने हिमुडा से सिक्योरिटी वापस ले ही है। हिमुडा के पास सिर्फ 35 से 37 हजार आवेदक बचे हैं। जमीन न मिलने से कई आवेदकों की सिक्योरिटी हिमुडा खुद भी वापस कर रहा है।
एनजीटी के ढाई मंजिला आदेश पर रुका था कार्य
हिमुडा का मानना है कि जाठिया देवी में करीब दो साल पहले साढ़े तीन सौ बीघा जमीन खरीदी थी। इस पर तीन हजार से अधिक प्लॉट और फ्लैट का निर्माण किया जाना है। सिंगापुर सरकार के साथ प्लॉट और फ्लैट बनाने का करार हुआ था, उसमें यह तय था कि जमीन हिमाचल सरकार की होगी और लागत का पूरा खर्चा सिंगापुर सरकार को उठाना है। प्लॉट और फ्लैट में दोनों सरकार के बराबर की हिस्सेदारी होगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई से अधिक मंजिल बनाने पर रोक लगाई है। एनजीटी के फैसले से हिमुडा का यह प्रोजेक्ट भी रुक गया था। अब सिंगापुर सरकार ढाई मंजिला भवन बनाने को तैयार हुई है। हिमुडा के उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि जाठिया देवी प्रोजेक्ट का कार्य जल्द शुरू होगा।