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हिमकेयर में होने जा रहा बदलाव: नए कार्ड से मिलेगा इलाज, ये कंपनी संभालेगी जिम्मेदारी; प्रीमियम कितना होगा?

Thu, 05 Nov 2026 12:12 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 05 Nov 2026 12:12 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को नए बीमा मॉडल में बदलने की तैयारी पूरी हो रही है। नई व्यवस्था में करीब 10 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने का लक्ष्य है और आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को योजना की जिम्मेदारी देने के लिए चुना गया है। पुराने कार्ड की वैधता खत्म होने के बाद नए कार्ड बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर...

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Himcare Scheme Big Change New Health Card Aditya Birla Himachal
हिमकेयर में सबसे बड़ा बदलाव! - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी एक बड़ी खबर है। अगर आपके परिवार का भी हिमकेयर कार्ड बना हुआ है तो आने वाले समय में आपको नया कार्ड बनवाना पड़ सकता है। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना को पुराने तरीके से चलाने के बजाय एक नए स्वास्थ्य बीमा मॉडल में बदलने जा रही है। इस नई व्यवस्था की जिम्मेदारी आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को मिलने जा रही है।

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सरकार की योजना करीब 10 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कुल आठ बीमा कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया था, जिनमें आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को एल-वन घोषित किया गया है। यानी कंपनी ने टेंडर में सबसे कम मूल्य की बोली पेश की है और उसे योजना का जिम्मा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
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लेकिन आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुराने हिमकेयर कार्ड का क्या होगा? क्या दोबारा पैसे देने पड़ेंगे? इलाज की सुविधा पहले जैसी मिलेगी या नियम बदल जाएंगे? आइए, नई व्यवस्था को आसान भाषा में समझते हैं।
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पुराने हिमकेयर कार्ड हमेशा नहीं चलेंगे, दोबारा बनवाना होगा कार्ड
नई योजना लागू होने के बाद हिमकेयर के पुराने कार्ड हमेशा के लिए मान्य नहीं रहेंगे। जिन लोगों के कार्ड की वैधता अभी बाकी है, उन्हें निर्धारित अवधि तक पुरानी व्यवस्था का लाभ मिलता रहेगा। लेकिन कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद लाभार्थियों को नई स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत फिर से कार्ड बनवाना होगा।

इसका मतलब है कि मौजूदा लाभार्थियों को एक बार फिर पंजीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। हालांकि, नए कार्ड कैसे बनेंगे, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी या नहीं और इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे, इस संबंध में सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देश आने बाकी हैं।
 

हर परिवार पर 4200 रुपये खर्च करेगी सरकार, सालाना बजट 420 करोड़
नई योजना का सबसे अहम पहलू इसका प्रीमियम है। सरकार बीमा कंपनी को हर परिवार के लिए सालाना 4200 रुपये का भुगतान करेगी। प्रदेश में करीब 10 लाख परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। इस हिसाब से सरकार को हर साल लगभग 420 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।

हालांकि, सरकार की ओर से केवल बीमा कंपनी को भुगतान करने की ही व्यवस्था नहीं होगी। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से भी प्रीमियम लेने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके लिए परिवारों की आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां बनाई जा सकती हैं।

यानी संभव है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकार की ओर से राहत मिले, जबकि भुगतान करने में सक्षम परिवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार प्रीमियम देना पड़े। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किस परिवार से कितनी राशि ली जाएगी। इस पर सरकार का अंतिम फैसला आना बाकी है।

5 लाख का बेसिक और 5 लाख का टॉपअप कवर, कुल 10 लाख तक सुरक्षा
नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था में परिवारों को मिलने वाले बीमा कवर को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित मॉडल में 5 लाख रुपये का बेसिक स्वास्थ्य बीमा और 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉपअप कवर शामिल बताया गया है।

इस तरह दोनों को मिलाकर परिवार को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर मिल सकता है। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 10 लाख रुपये का कवर हर स्थिति में स्वतः उपलब्ध होने की गारंटी नहीं है। इसके लिए नई पॉलिसी में तय शर्तें, बीमारी की पात्रता, अस्पतालों की सूची और क्लेम के नियम लागू होंगे।

किन अस्पतालों में मिलेगा इलाज?
नई योजना में अस्पतालों का नेटवर्क भी अहम भूमिका निभाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिमकेयर के तहत सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली उपचार सुविधाओं को नई व्यवस्था में भी शामिल करने की तैयारी है।

इसके अलावा डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले कुछ निजी अस्पतालों को भी योजना के दायरे में रखने की बात सामने आई है। अन्य निजी अस्पतालों को शामिल करने के संबंध में अंतिम सूची और नियम जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

लाभार्थियों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी होगी, क्योंकि बीमा कवर होने के बावजूद हर अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलना जरूरी नहीं है। इसलिए नई योजना लागू होने पर अस्पतालों की अधिकृत सूची जरूर जांचनी होगी।

हिमकेयर में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में हिमकेयर योजना की जगह नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने नई योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।

सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था में बीमा कंपनी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इससे पॉलिसी संचालन, अस्पतालों में उपचार और क्लेम से जुड़ी प्रक्रियाओं को नए तरीके से संचालित किया जाएगा।

शिकायत होने पर कहां जाएंगे लाभार्थी?
नई योजना में लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए शिकायत निवारण केंद्र स्थापित करने की भी तैयारी है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, सरकार चाहती है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को इलाज या बीमा संबंधी कामों में परेशानी न हो।

इस केंद्र में स्वास्थ्य कार्ड बनवाने, पॉलिसी से जुड़ी जानकारी लेने, अस्पताल में उपचार नहीं मिलने और बीमा क्लेम जैसी समस्याओं को उठाया जा सकेगा।

आम लोगों के लिए सबसे जरूरी 7 बातें

योजना का नया स्वरूप: हिमकेयर की जगह नई बीमा आधारित व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

बीमा कंपनी: आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को टेंडर प्रक्रिया में एल-वन घोषित किया गया है।

लाभार्थी: करीब 10 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने का लक्ष्य है।

सरकारी खर्च: प्रति परिवार 4200 रुपये के हिसाब से सालाना लगभग 420 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बीमा कवर: प्रस्तावित मॉडल में 5 लाख रुपये बेसिक और 5 लाख रुपये टॉपअप कवर शामिल है।

नया कार्ड: पुराने कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद नए सिरे से कार्ड बनवाना होगा।

लाभार्थियों का प्रीमियम: सक्षम परिवारों से प्रीमियम लेने पर विचार हो रहा है, लेकिन दरें अभी तय नहीं हैं।

फिलहाल हिमकेयर कार्ड धारक क्या करें?
अगर आपके पास हिमकेयर कार्ड है तो अभी घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपने कार्ड की वैधता जांचें। नई योजना के पंजीकरण, प्रीमियम और अस्पतालों की सूची को लेकर सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें। बिना आधिकारिक आदेश के किसी एजेंट या व्यक्ति को नए कार्ड के नाम पर पैसे न दें।

कुल मिलाकर, हिमाचल में स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था बदलने जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई योजना लागू होने पर आम परिवारों को कितना फायदा मिलेगा और उन्हें अपनी जेब से कितना खर्च करना पड़ेगा। सरकार के अंतिम नियम सामने आने के बाद ही इन सवालों का पूरा जवाब मिल पाएगा।
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