पिता के आखिरी दर्शन को बेटे की बेबसी...
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हिमाचल के इस बेबस बेटे की ऐसी कहानी हैं कि किसी की भी आंखों में आंसू आ जाएं। पिता की मौत सूडान में एक हादसे में हुई। अब एनओसी न मिलने से पिता का शव विदेश में फंसा हुआ है।
हिमाचल हमीरपुर का यह बेटा सूडान में हुए एक हादसे में अपने पिता को गंवा चुकी है। मगर अब भारतीय दूतावास की लापरवाही से पिता के शव को वापिस वतन लाने के लिए दर दर की ठोकरे खा रहा है।
इसकी वजह सूडान पुलिस से एनओसीं नहीं मिलना है। परिवार ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर पूरे मामले में उनकी मदद करने की गुहार लगाई है। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। सांसद अनुराग ठाकुर ने इस बारे में बताया कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तहत जनैहन, डाकघर समताना तहसील बड़सर निवासी मानचंद ठाकुर 22 जून की एक दुर्घटना में मौत हो गई।
केमिकल गैस कंपनी में हुए विस्फोट में गई जान
सूडान स्थित अल-शिरूग इंडस्ट्रियल एंड केमिकल गैस फैक्ट्री में काम करने वाले मानचंद कंपनी में हुए एक विस्फोट का शिकार हो गए थे। लेकिन परिजनों को न तो कंपनी और न ही सूडान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। मानचंद के पुत्र विवेक को किसी अन्य स्रोत से इस बारे में जानकारी मिली।
तब उनकी ओर से भारत स्थित सूडान के दूतावास तथा सूडान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा गया। परिजनों की ओर से शव भारत भेजे जाने के बारे में प्रार्थना की गई। लेकिन इस बारे में किसी भी दूतावास की ओर से कोई उत्तर नहीं मिला। जब विवेक की ओर से दोबारा भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया तो उन्हें बताया गया कि उनके पिता का मेडिकल सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया है। लेकिन जानकारी मिली कि सूडान पुलिस की ओर से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मृतक देह को भारत भेजा जा सकता है।