Monsoon Arrival: हिमाचल में झमाझम बारिश के साथ पहुंचा मानसून, एक की मौत, 40 सड़कें बंद, बिजली-पानी भी गुल
शिमला में 15 साल बाद और कांगड़ा में पहली बार जून में 12 घटों में रिकॉर्ड बारिश हुई है। शुक्रवार रात आठ बजे शनिवार सुबह आठ बजे तक शिमला में 99 मिलीमीटर बारिश हुई।
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मूसलाधार बारिश के बीच मानसून ने हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर लिया है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक शिमला के साथ प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। मंडी के डयोढ़ के पास भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं, जगह-जगह मलबा गिरने से प्रदेश में 40 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गईं। 93 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने और पेयजल परियोजनाओं में गाद भरने से कई क्षेत्रों में बिजली-पानी का संकट हो गया है।
भूस्खलन से राजधानी शिमला सहित कई जगह दर्जनों छोटे-बड़े वाहन दब गए हैं। घरों में भी बारिश का पानी घुसा है। जोगिंद्रनगर के समखेतर में बाढ़ से सड़क बह गई है। रविवार और सोमवार को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। शनिवार को सूबे में बारिश नहीं हुई। शिमला सहित कई जगह हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। भारी बारिश से बंद मार्गों के चलते कुल्लू जिला में जगह-जगह 200 वाहन फंस गए हैं।
मंडी जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। डैहर पावर हाउस के निकट सतलुज में बुजुर्ग समेत 18 बकरियां बह गईं। बुजुर्ग की तलाश जारी है। धर्मपुर में हाथी रा बाहल के सरी गांव में बाइक और टैक्सी बह गई। धर्मपुर में पीएचसी डरबाड़ की सुरक्षा दीवार गिर गई। सरकाघाट में एनएच तीन कई जगह बंद हो गया है। पंडोह के पास एनएच दो घंटे बंद रहा।
कांगड़ा के फेरा गांव में भूस्खलन से पेट्रोल पंप का करीब 30 फीसदी हिस्सा गिर गया। कांगड़ा के चक्की पुल समेत यहां बनने वाले नए सड़क और नैरोगेज रेल पुल को बचाने के लिए बन रही सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य अस्थायी तौर पर रुक गया है। जिला कुल्लू में पार्वती व ब्यास नदी उफान पर हैं। लाहौल में रांगवे नाले में सुबह के समय जलस्तर बढ़ने से सड़क का चार मीटर हिस्सा ढह गया। इससे केलांग-उदयपुर सड़क में छह घंटे वाहन आवाजाही बाधित रही। कुल्लू में रिवर राफ्टिंग रोक दी गई है।
जिला चंबा में मूसलाधार बारिश से भरमौर-पठानकोट हाईवे पर दुर्गेठी के पास 12 मीटर डंगा ढह गया। जलस्तर बढ़ने पर जटौन बैराज के फ्लड गेट शनिवार सुबह आधे घंटे के अंतराल में दो बार खोलने पड़े। परवाणू से सोलन तक कई जगह सड़क पर पत्थर और मलबा गिरा। परवाणू की कामली सड़क में भूस्खलन होने से कई उद्योगों में कच्चा माल समय से नहीं पहुंचा।
बठिंडा जा रही पंजाब रोडवेज की बस हवा में लटकी
शनिवार तड़के बडू साहिब से बठिंडा जा रही पंजाब रोडवेज की बस खैरी से सटे कोट के पास सड़क से बाहर हवा में लटक गई। बस से चालक व परिचालक समेत 20 लोग सुरक्षित निकाले गए। नाहन-रेणुकाजी सड़क पर क्यारटू के पास रेणुकाजी जा रही एचआरटीसी की चलती बस पर चीड़ का पेड़ गिर गया। इस दौरान बस में सवार सवारियां बाल-बाल बच गईं।
-कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर शनिवार सुबह ट्रैक पर मलबा और पेड़ गिरने से ट्रैक बाधित हो गया। इस ट्रैक में चलने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया।
-प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने सैलानियों से अपील की कि वे राज्य में यात्राएं करते समय सतर्कता बरतें
-मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि इस बार मानसून सामान्य रहने के आसार हैं
-प्रदेश में एक से 24 जून तक सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है।
शिमला में 15 साल बाद, कांगड़ा में पहली बार 12 घंटे में रिकॉर्ड बारिश: शिमला में 15 साल बाद और कांगड़ा में पहली बार जून में 12 घटों में रिकॉर्ड बारिश हुई है। शुक्रवार रात आठ बजे शनिवार सुबह आठ बजे तक शिमला में 99 मिलीमीटर बारिश हुई। साल 2008 में शिमला में 12 घंटों में 123 मिलीमीटर बारिश हुई थी। कांगड़ा में शुक्रवार रात को 143 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कांगड़ा में जून के दौरान एक रात में यह सबसे अधिक बारिश हुई है। वर्ष 2021 में जून के दौरान यहांं 107 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड था।