मौसम: हिमाचल के निरमंड में भूस्खलन से कई मकानों में दरारें, बद्दी में भारी बारिश, चार जिलों में बाढ़ का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों के कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार को बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 15 सितंबर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के निरमंड के चायल क्षेत्र में बुधवार रात को भूस्खलन होने से कई घरों में दरारें आई हैं। सोलन के बद्दी व बरोटीवाला क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी जमा हो गया। ऊना जिले में गुरुवार सुबह हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं, प्रदेश के चार जिलों शिमला, चंबा, कांगड़ा और किन्नौर के कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार को बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 15 सितंबर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। गुरुवार को डलहौजी में 20, ऊना में 14 और शिमला में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। बुधवार रात को शिलारू में 47, डलहौजी में 30, कोटखाई में 29, मशोबरा में 24, शिमला में 23, पालमपुर में 22, भौरंज-रेणुका में 20, देहरागोपीपुर में 19, मनाली में 16, नारकंडा में 15, सुंदरनगर-ऊना-धर्मशाला में 13, नादौन में 12, कुफरी में 11 और नाहन में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
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वांगतू-काफनू मार्ग 32 घंटे के बाद बहाल
उधर, किन्नौर जिले की भावावैली को जोड़ने वाला काफनू-वांगतू संपर्क मार्ग चौथे दिन यातायात के लिए बहाल हो गया है। लोक निर्माण विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर मार्ग को छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इसके एक घंटे के बाद मार्ग पर बडे़ वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। मार्ग बहाल होने से भावावैली के लोगों ने राहत की सांस ली है। रविवार को मार्ग में स्थित पानी के झरने के निकट पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें खिसकने से मार्ग बाधित हो गया था। इस वजह से क्षेत्र की पांच हजार आबादी का संपर्क कट गया था। अब सड़क खुलने से बागवानों ने राहत की सांस ली है। एसडीओ लोक निर्माण विभाग भावानगर प्रमोद नेगी ने बताया कि विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद वांगतू-काफनू मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
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