लाहौल में फिर फटा बादल, किन्नर कैलाश यात्रा रुकी, साधु की मौत
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हिमाचल में लगातार बारिश अब लोगों पर भारी पड़ने लगी है। किन्नर कैलाश यात्रा पर गए एक साधु की ठंड से मौत हो गई है। भारी बारिश के चलते जिला किन्नौर में तांगलिंग नाले में जलस्तर बढ़ने से दिल्ली, मुंबई और हिमाचल के करीब 100 श्रद्धालु चार घंटे तक गणेश गुफा के पास फंसे रहे।
लाहौल में बादल फटने से स्पीति में सैकड़ों सैलानी फंस गए हैं। मणिमहेश जा रहे 300 श्रद्धालुओं को खराब मौसम के चलते रोक दिया गया। मौसम के तेवरों को देख प्रशासन ने किन्नर कैलाश यात्रा रोक दी है। बुधवार को प्रदेश में हालांकि बारिश कुछ थम गई, लेकिन भूस्खलन से प्रदेश में दर्जनों सड़क मार्ग बाधित हैं।
किन्नर कैलाश यात्रा पर गए साधु संजीव कपूर (45) निवासी गांव मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश की गौरी कुंड और गुफा के बीच रास्ते में ठंड से मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने शव को पोवारी पहुंचाया।
एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा ने बताया कि किन्नर कैलाश पर गए सभी 100 यात्रियों को चार घंटे के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। कार्यवाहक उपायुक्त किन्नौर डॉ. अवनिंद्र शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से किन्नर कैलाश यात्रा पर रोक लगा दी है।
11 और 12 को भारी बारिश की चेतावनी
उधर, लाहौल स्पीति के छोटा दड़ा में मंगलवार शाम बादल फटने से 50 मीटर सड़क बह गई। इससे स्पीति घाटी में जगह-जगह सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। स्पीति प्रशासन ने अपने हिस्से की बातल तक सड़क को बहाल कर लिया है। लाहौल की तरफ से सड़क बहाल करने में बीआरओ जुटा हुआ है। उधर, जिला मंडी में मनाली-चंडीगढ़ मार्ग डडौर, हराबाग, सुंदरनगर, हणोगी के पास खराब है।
पठानकोट-मंडी एनएच पर कोटरोपी को खोलने के काम में तेजी आई है। चंबा जिले में बुधवार को भी बारिश का क्रम जारी रहा। मणिमहेश यात्रा पर गए पालमपुर निवासी एक श्रद्धालु की बाजू पर पत्थर गिरने से चोट आई है। जिला कांगड़ा और शिमला शहर में बुधवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। मंगलवार रात को सबसे ज्यादा सलूणी में 56 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई।
बुधवार को भुंतर और शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से उड़ानें नहीं हुई। गगल हवाई अड्डे से बुधवार को हवाई सेवाएं सुचारु रहीं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 11 और 12 अगस्त को फिर से प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 14 अगस्त तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।