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Himachal Weather: कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, राज्य में 128 सड़कें ठप; जानें मौसम पूर्वानुमान

Fri, 09 Aug 2024 06:35 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 09 Aug 2024 06:35 PM IST
सार

प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से 100 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं।

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Himachal Weather: imd Heavy rainfall alert in many parts, many roads and  power transformers disrupted
शिमला में वन विभाग मुख्यालय के पास पेड़ गिरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरुवार रात को प्रदेश के कई भागों में बादल जमकर बरसे। जोगिंद्रनगर में 160.0, धर्मशाला 112.4, कटौला 112.3, भराड़ी 98.4, कंडाघाट 80.0, पालमपुर 78.2, पंडोह 76.0, बैजनाथ 75.0, कुफरी 70.8, शिमला 60.5, सुंदरनगर 34.8, कांगड़ा 30.4, बिलासपुर 25.0, हमीरपुर 31.5, जुब्बड़हट्टी 25.0 व सराहन में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। उधर, राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से 128 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके अतिरिक्त 44 बिजली ट्रांसफार्मर व - 67 जल आपूर्ति स्कीमें बाधित हैं। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी रुक-रुककर बारिश जारी है। शहर में वन विभाग मुख्यालय के पास भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन से देवदार का एक पेड़ भी ढह गया। पंथाघाटी पेट्रोल पंप के पास भी सड़क पर पेड़ गिर गया। इससे बिजली की तारें भी टूट गईं। 

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मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 9 व 10 अगस्त के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 11 से 15 अगस्त के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज देर रात से लेकर अगले 2-3 दिनों तक मानसून की गतिविधि में तीव्रता और वितरण में वृद्धि होने की संभावना है। इस अवधि के दौरान हल्की से मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा होने की संभावना है। 9 अगस्त और 10 अगस्त को इसकी तीव्रता अधिकतम होगी। 9 अगस्त और 10 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

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चंडीगढ़-मनाली एनएच 13 घंटे ठप रहा
चंडीगढ़-मनाली एनएच गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक करीब 13 घंटे ठप रहा। हाईवे पर रातभर गाड़ियां फंसी रहीं। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह हाईवे को एकतरफा यातायात के लिए बहाल किया जा सका है। पंडोह व औट के बीच खोतीनाला के पास भारी मशीनरी को लेकर जा रहा बड़ा ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पटल गया था। इस कारण हाईवे बड़े वाहनों के लिए बंद हो गया। बड़े वाहन रातभर यहीं पर फंस रहे। वहीं गुरुवार रात 11:00 बजे मंडी से पंडोह के बीच नौ मील के पास पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हो गया। शुक्रवार सुबह यहां यातायात एकतरफा बहाल किया गया।

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छह जिलों में बाढ़ का जोखिम
अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ के जोखिम की संभावना है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अपनी यात्रा को मौसम की स्थिति को देखकर ही प्लान करने की सलाह दी गई है। 

सैंज घाटी की 15 पंचायतों में बिजली बंद
सैंज घाटी में पागलनाला और त्रेहड़ा के बीच शुक्रवार की सुबह 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। इसके कारण घाटी की 15 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। सुबह करीब 8:00 बजे की इस घटना से सैंज-लारजी सड़क भी अवरूद्ध हो गई। इसके चलते सब्जी और फलों से भरे वाहन भी समय पर सब्जी मंडियों में नहीं पहुंच पाए।

कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 16.2, सुंदरनगर 22.1, भुंतर 21.7, कल्पा 15.8, धर्मशाला 19.5, ऊना 24.0, नाहन 23.3, पालमपुर 18.5, सोलन 21.0, मनाली 19.6, कांगड़ा 22.4, मंडी 22.6, बिलासपुर 24.9, हमीरपुर 24.8, चंबा 23.8, रिकांगपिओ 18.3, कुफरी 15.8, नारकंडा 14.1, धौलाकुआं 26.0, कसौली 18.0, देहरा गोपीपुर 26.0, सैंज 20.4 व बजौरा में 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

कांगड़ा में कॉलेज रोड पर सालों पुराना पीपल का पेड़ गिरा
कांगड़ा में कॉलेज रोड पर पीपल का कई साल पुराना पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।  पीपल का पेड़ खेल मैदान में गिरा। यदि यह पेड़ सड़क की ओर गिरता तो ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की तारों को चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों की जान भी जा सकती थी। जिस समय पेड़ गिरा, नगर परिषद मैदान में साथ बने ओपन एयर जिम में भी कुछ छात्र-छात्राएं बैठे थे। जैसे पेड़ गिरने की आवाज आई, विद्यार्थी अपनी जान बचाकर यहां से भाग गए। पेड़ गिरने से नगर परिषद की पानी की टंकी टूट गई। फाइबर व केवल की कई तारें भी टूट गईं।

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