Himachal Weather: चोटियों पर हिमपात, कई भागों में ओलावृष्टि से सेब को नुकसान, जानें कितने दिन बरसेंगे बादल
शिमला शहर और ऊपरी इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने से सेब को भारी नुकसान पहुंचा है जबकि लाहौल-स्पीति, चंबा और कांगड़ा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है।
विस्तार
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में मौसम के करवट बदलने से आठ जिलों शिमला, कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, सिरमौर, किन्नौर, सोलन और चंबा में बारिश हुई। शिमला शहर और ऊपरी इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने से सेब को भारी नुकसान पहुंचा है जबकि लाहौल-स्पीति, चंबा और कांगड़ा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से प्रदेश में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आई है। मौसम के बदले मिजाज से लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है।
बारिश से फलों का आकार बढ़ेगा
राजधानी शिमला में शुक्रवार शाम सात बजे अंधड़ चला। इसके बाद आधे घंटे तक शहर में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिले के रामपुर बुशहर, रोहड़ू, मंडी जिले के करसोग और किन्नौर जिले के कई क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम बदला। झमाझम बारिश और कड़कड़ाती बिजली के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। रामपुर की नोगवैली के डंसा और जगूणी में भारी ओले गिरे। वहीं, रोहड़ू के शरोंथा और खड़ापत्थर में भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान पहुंचा। ओलों से कई जगह सेब की फसल को बचाने के लिए लगाई जालियां तक टूट गईं।
डोभी-दुआड़ा में आसमान से फिर बरसी आफत
उधर, कुल्लू जिले की ऊझी घाटी में सुबह से मौसम का मिजाज बदला रहा। वहीं शाम 6:00 बजे घाटी के गांव डोभी, दुआड़ा, डोहलूनाला, शिरढ़ आदि में आसमान से आफत बरसी। एकाएक तेज बारिश के साथ क्षेत्र में ओले बरसे। ओलों के कारण सेब, प्लम, नाशपाती आदि फलों को नुकसान हुआ है। सड़कें झमाझम बारिश के चलते तालाब बन गई। हालांकि ओले पांच से सात मिनट ही गिरे, लेकिन फसलों को नुकसान पहुंचाने के लिए इतना समय काफी रहा, जबकि बारिश का दौर जारी रहा। इससे पहले भी घाटी के इन क्षेत्रों में विगत सप्ताह ओले गिरे थे। किसान जगमोहन, मुकेश, राजेश ने कहा कि लगातार बरस रहे ओलों से फसलों तबाह हो रही हैं।
नोग घाटी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि
रामपुर बुशहर के अंतर्गत नोग वैली और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर बाद भारी बारिश और तेज ओलावृष्टि हुई जिसके चलते सेब और अन्य गुठलीदार फलों को नुकसान की आशंका है। ओलावृष्टि होने से किसान और बागवान मायूस हुए हैं। इससे पूर्व फ्लावरिंग के दौरान भी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई थी, जिसके चलते सेब की सेटिंग पर विपरीत असर देखने को मिला था।
प्रदेश के कई भागों में इतने दिन खराब रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 29 और 30 मई को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। आज कुल्लू, मंडी, शिमला व सिरमाैर जिले में ओलावृष्टि व अंधड़ चलने का ऑरेंज अलर्ट है। शनिवार के लिए लाहाैल-स्पीति व किन्नाैर को छोड़कर अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट है। 31 मई और 1 से 4 जून तक राज्य के छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। वहीं अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस बढ़ेगा। अगले 2-3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार है। इसके बाद 2-6 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी की संभावना है।
भरमौर की ऊंची चोटियों पर 5.08 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी
वहीं भरमौर की ऊंची चोटियों में 5.08 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। पांगी क्षेत्र में भी दोपहर के समय हल्की बारिश हुई। जिला मुख्यालय समेत आस-पास के क्षेत्रों में लोग भी गर्मी में तपते नजर आएं। शुक्रवार दोपहर के बाद उपमंडल भरमौर के ऊंची चोटी श्री मणिमहेश, कुगति, चोविया, खंपरास, काली छोह में पर 5.08 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
धाैलाधार पर हिमपात, कांगड़ा, मंडी और हमीरपुर में बारिश
कांगड़ा जिले में शनिवार को मौसम ने करवट बदली और पूर्वाह्न 11:00 बजे के साथ धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने के साथ बारिश शुरू हो गई। वहीं दोपहर बाद फिर बारिश शुरू हो गई। धाैलाधार की पहाड़ियों पर हल्का हिमपात होने के साथ कई हिस्सों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। बारिश से तापमान में भी काफी गिरावट आई है। धर्मशाला में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं हमीरपुर जिले में भी करीब शाम करीब सात बजे हल्की बारिश हुई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलीं। लेकिन नुकसान की काई रिपोर्ट नहीं हुआ। बारिश महज दस मिनट के लगभग हुई है। इसके अलावा मंडी जिले के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई है।
कहां कितना अधिकतम तापमान
शिमला 25.0
सुंदरनगर 34.9
भुंतर 31.5
कल्पा 21.4
धर्मशाला 30.0
ऊना 39.6
नाहन 33.2
कांगड़ा 32.5
मंडी 34.9
जुब्बड़हट्टी 31.5
बरठीं 33.2
नेरी 36.6
हिमाचल में 20 से 24 जून के बीच मानसून पहुंचने के आसार
प्रदेश में 20 से 24 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून सामान्य तिथि के आसपास या कुछ दिन पहले दस्तक दे सकता है। हिमाचल में आमतौर पर मानसून 24 से 28 जून के बीच सक्रिय होता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री 20 जून के बाद शुरू होकर 24 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच सकती है। हिमाचल के अधिकांश जिलों में मानसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
सिरमौर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। गुरुवार रात भी जिले के अधिकतर इलाकों में तूफान और बारिश हुई थी। उधर, गुरुवार रात को बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 23.5, पांवटा साहिब-देहरा गोपीपुर में 22.0, कांगड़ा में 20.9, ऊना में 20.7, मंडी में 20.1, धर्मशाला में 19.8, सोलन में 19.0, नाहन में 18.3, शिमला में 17.4, मनाली में 11.2 और केलांग में 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।