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Himachal Weather: भूस्खलन से 316 सड़कें बंद, कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून में अब 287 लोगों की माैत

Fri, 22 Aug 2025 01:05 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 Aug 2025 01:05 PM IST
सार

प्रदेश में माैसम खुलने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। राज्य में शुक्रवार रात 9:00 बजे तक 316 सड़कें बंद रहीं।

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Himachal Weather forecast: many roads closed due to landslide, alert for heavy rain again for four days in man
गांव बेहला में गोशाला ध्वस्त। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें ठप हैं। माैसम खुलने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। राज्य में शुक्रवार रात 9:00 बजे तक 316 सड़कें बंद रहीं। राज्य में 110 बिजली ट्रांसफार्मर और 110 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। मंडी जिले में सबसे अधिक 165 व कुल्लू में 123 सड़कें बाधित हैं।

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बेहला में बारिश से गोशाला ध्वस्त,  भैंस मलबे में दबी
ऊना जिले की उप तहसील जोल अंतर्गत आती ग्राम पंचायत टकोली के गांव बेहला में गुरुवार रात को रविंद्र सिंह पुत्र नसीब सिंह की गोशाला ध्वस्त हो गई। एक भैंस भी मलबे में दब गई, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया। वहीं उपमंडल अंब के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टकारला में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। बच्चे पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। पाठशाला में 181 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और 17 स्कूल स्टाफ कार्यरत है। तीन दिन में कोई प्रशासनिक अधिकारी ने स्कूल की स्थिति को जानना उचित नहीं समझा और ना ही कोई समस्या का हल हुआ।

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इतने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 28 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 22 और 28 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 23 से 27 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 22 से 28 अगस्त तक कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, सुबह जारी माैसम बुलेटिन में चार दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। वहीं बीती रात को मनाली में 18.0, आरएल बीबीएमबी 15.6, कुफरी 14.6, बजौरा  7.5, ओलिंडा 6.4, धौलाकुआं 4.0, जुब्बड़हट्टी 3.6, ऊना 2.8, नारकंडा में 1.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 

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मानसून में अब तक  287 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 21 अगस्त तक 287 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 346 लोग घायल हुए हैं। 38 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 138 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 3,267 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 2,597 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,806 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा  2,28,226.86 लाख रुपये पहुंच गया है।

बंजार बस अड्डे के पास हाईवे पर पहाड़ी से हुआ भूस्खलन
मौसम खुलने के बाद भी जिला में भूस्खलन का क्रम लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह बंजार बस अड्डे के पास हाईवे-305 पर पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। एक खोखा भी भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में राहगीरों के साथ दुकानें भी बाल-बाल बच गईं।

माैसम खुलते ही हेली टैक्सी से मणिमहेश यात्रा पर रवाना हुए बुजुर्ग श्रद्धालु
 मौसम साफ होते ही दूसरे दिन 70 से लेकर 85 वर्ष आयुवर्ग के बुजुर्गों ने हेली टैक्सी में होली से गौरीकुंड के लिए सफर किया। पहली बार चाॅपर के जरिये यात्रा करने वाले बुजुर्ग काफी उत्साहित दिखे। कहा कि इस आयु में मणिमहेश यात्रा करना उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि, होली से हड़सर वाया भरमाणी होते हुई दुर्गम पैदल मणिमहेश यात्रा उनके लिए बहुत मुश्किल है।

धर्मशाला-खनियारा मुख्य मार्ग पर पहाड़ी से भूस्खलन
धर्मशाला-खनियारा मुख्य मार्ग पर चरान खड्ड के समीप पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के बीच एक बड़ी चट्टान ऊपर से खिसक कर बीच में अटकी गई। चट्टान कभी भी सड़क पर गिरकर नुकसान पहुंचा सकती है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और लोनिवि से चट्टान को हटाने की मांग की है। कुछ साल पहले भी इसी स्थल पर चट्टान के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। यह स्थल जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है।

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