Himachal Weather: जोबरंग गांव के फांडी नाला में आई बाढ़, कई भागों में पांच दिन भारी बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कुछ स्थानों पर चार दिन भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के जोबरंग गांव के उपर फांडी नाला की पहाड़ी से रात को अचानक आई बाढ़ से दहशत मच गई। हालांकि, बाढ़ से अभी तक किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं नाले का रुख गांव की तरफ हो जाने से ग्रामीण चिंतित हैं। 24 घरों की आबादी वाले जोबरंग गांव के लोगों का कहना है कि अब सुरक्षा के लिए यहां क्रेटवाल लगाना जरूरी हो गया है। अन्यथा ग्रामीणों को बारिश होने पर हमेशा नाले में बाढ़ की आशंका के खौफ में जीने को विवश होना पड़ेगा। पूर्व प्रधान जोबरंग पंचायत सोम देव ने बताया कि रात करीब 10:00 बजे उनके गांव के ऊपर फांडी नाला में आई बाढ़ से डर का माहौल है। ग्रामीण घरों से बाहर बारिश के बीच टॉर्च लेकर सुरक्षित जगह पर गए। साथ ही घटना की सूचना प्रशासन को दी है।
75 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश में सोमवार शाम तक 75 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर और 58 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। जिला कुल्लू में 30, मंडी में 17, लाहौल-स्पीति में 10, कांगड़ा में 6, सिरमौर में 5 और किन्नौर-चंबा में 2 सड़कें ठप रहीं। जिला कुल्लू में 56, मंडी में 9 और चंबा में 3 ट्रांसफार्मर, कुल्लू में 53, शिमला में 3 और चंबा में 2 पेयजल योजनाएं बंद रहीं। सोमवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आठ अगस्त को कई क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 11 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
जानें मौसम पूर्वानुमान
उधर, सोमवार सुबह 11:00 बजे के बाद राजधानी शिमला व आसपास भागों में बारिश शुरू हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कुछ स्थानों पर आज से 9 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 11 अगस्त तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार 7 अगस्त को ऊना, कांगड़ा व सिरमौर जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, शिमला व सोलन जिले के लिए येलो अलर्ट है। रविवार रात को हमीरपुर में 67.0, अघार 44.0, जोगिंद्रनगर 42.0, नादौन 38.0, देहरा गोपीपुर 32.3, पालमपुर 28.0, धौलाकुआं 27.5 व नाहन में 25.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल के कांगड़ा, शिमला, चंबा, मंडी और सिरमौर जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और पड़ोस में अचानक बाढ़ आने का जोखिम है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजारी जारी की है। प्राधिकरण के अनुसार बारिश, हिमस्खलन व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ऊपरी, पहाड़ी भागों में जाने से परहेज रखें। खराब मौसम में ट्रैकिंग करना तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना खतरनाक हो सकता है। बिजली चमकने की सूरत में कम से कम 30 मिनट तक घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर ही रहना चाहिए । नदी-नालों में न जाएं, क्योंकि बरसात में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोग अधिक सावधानी बरतें। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी पर धयान दें तथा रेडियो/टेलीविजन पर मौसम के बारे में प्रसारित बुलेटिन को सुनें। ग्राम पंचायत प्रधान, उप प्रधान, गैर-सरकारी संगठनों, ट्रैकर्स व पैदल यात्रियों से अनुरोध है कि वह इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। किसी भी आपातकाल की स्थिति में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के इन नंबरों पर सूचित करें।
बंगाणा में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, मक्की की फसल खेतों में बिछी
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में सोमवार सुबह भारी बारिश होने से जहां पर छोटे-छोटे नालों में पानी का तेज बहाव देखने को मिला। वहीं पर मक्का,चरी, बाजरा, तिलहन सहित अन्य फसलों को भी इस बारिश से कुछ स्थानों पर नुकसान का सामना करना पड़ा। खरयालता, डीहर व धनेत पंचायत के कुछ गांवों में तेज बारिश होने से मक्की की फसल खेतों में गिर गई। वही पर कुछ स्थानों पर मक्की के खेतों में बारिश का पानी तालाब बन गए। सोमवार सुबह बारिश से अचानक लुणखर खड्ड का जलस्तर बढ़ गया। प्रशासन ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने बच्चों को नदी-नालों तथा खड्डों के नजदीक न जाने दें।
ब्यास नदी के किनारे न जाएं, लारजी डैम से छोड़ा जाएगा 100 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी
एसडीएम मंडी ओम कांत ठाकुर ने बताया कि ब्यास नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के कारण लारजी पावर हाउस की मशीनें बंद कर दी गई हैं। इसके कारण डैम प्रबंधन की ओर से लारजी डैम से लगभग 100 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर बाद में भी अतिरिक्त पानी नदी में छोड़ा जा सकता है। पानी छोड़ने से ब्यास नदी के निचले इलाकों में जलस्तर में बढ़ोतरी हो जाएगी। उन्होंने ब्यास नदी के निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि लोगों को लोगों ब्यास नदी के किनारे नहीं जाने की चेतावनी देने के लिए हूटर बजाए जा रहे हैं और पब्लिक एड्रेस सिस्टम (ध्वनि प्रसार यंत्रों)के माध्यम माध्यम से जगह-जगह अनाउंसमेंट की जा रही है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 17.5, सुंदरनगर 22.6, भुंतर 21.6, कल्पा 16.2, धर्मशाला 20.5, ऊना 24.2, नाहन 25.1, केलांग 13.5, पालमपुर 19.5, सोलन 21.5, मनाली 18.2, कांगड़ा 23.0, मंडी 24.1, बिलासपुर 25.1, हमीरपुर 25.1, चंबा 22.6, डलहौजी 18.1, कुफरी 16.1, नारकंडा 14.4, रिकांगपिओ 19.3, कसौली 19.6, धौलाकुआं 25.6, कसौली 19.6, पांवटा साहिब 26.0, देहरा गोपीपुर 26.0, नेरी 24.4 व सैंज 19.9 व बजौरा में 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अभी तक मानसून सीजन में सामान्य से 30 फीसदी कम बारिश
प्रदेश में मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 30 फीसदी कम बारिश हुई है। 26 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। 26 जून से पांच अगस्त तक प्रदेश में 281 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस अवधि में 405 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हुई है। जिला बिलासपुर में सामान्य से 27, चंबा में 37, हमीरपुर में 29, कांगड़ा में 10, किन्नौर में 49, कुल्लू में 18, लाहौल-स्पीति में 75, मंडी में 17, शिमला में 11, सिरमौर में 39, सोलन में 42 और ऊना में 47 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया रविवार रात को हमीरपुर में भारी बारिश हुई। अन्य जिलों में सामान्य बारिश हुई।
क्षेत्र अधिकतम तापमान
ऊना 36.2
बिलासपुर 34.6
चंबा 32.4
हमीरपुर 32.7
कांगड़ा 31.2
सोलन 30.1
नाहन 28.9
धर्मशाला 26.0
शिमला 23.0