Himachal Weather Alert: हिमाचल में अगले 48 घंटे बेहद भारी, 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का खतरा; IMD की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा जताया गया है। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 48 घंटों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। 20 और 21 जुलाई को सबसे अधिक खतरा रहेगा, जबकि 22 जुलाई को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और 23 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला और सोलन में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
चंबा में उफनाए नाले में फंसी यात्रियों से भरी बस, मूसलाधार बारिश से 12 सड़कें बंद, स्कूल में घुसा पानी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जेसीबी और अन्य मशीनरी भेजकर बस को सुरक्षित बाहर निकालने की मांग की। लोगों का कहना है कि समय रहते राहत कार्य नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
लगातार बारिश के कारण जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 12 संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क अस्थायी रूप से कट गया है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
इधर, भटियात विधानसभा क्षेत्र की कामला पंचायत में लगातार बारिश के चलते खग्गल कूहल का पानी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालय कामला परिसर में घुस गया। देखते ही देखते पूरा स्कूल परिसर तालाब में बदल गया। पानी स्कूल भवन और मैदान तक पहुंचने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवाजाही प्रभावित हुई। परिसर में कई स्थानों पर जलभराव और फिसलन की स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार भारी बारिश के दौरान कूहल उफान पर आ जाती है, जिससे स्कूल परिसर जलमग्न हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से कूहल की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और खड्डों के पास न जाने, मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
चार घंटे से थमी बारिश, सिरमौर में रेड अलर्ट के बीच राहत
जानकारी के अनुसार 20 जुलाई की सुबह शुरू हुई बारिश दिनभर रुक-रुककर जारी रही। शाम को कुछ समय के लिए मौसम शांत हुआ, लेकिन रातभर तेज बारिश का सिलसिला चलता रहा। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि मंगलवार को भी लगातार बारिश होगी, लेकिन सुबह करीब आठ बजे बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश रुकने के बाद लोग आवश्यक कार्यों के लिए घरों से बाहर निकले। बाजारों और सड़कों पर भी सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होती दिखाई दीं।
बारिश के कारण जिले में दो-तीन स्थानों पर सड़कों पर मलबा आने और आंशिक रूप से यातायात प्रभावित होने की सूचना मिली है। संबंधित विभाग मार्गों को जल्द बहाल करने में जुटे हैं।
हालांकि अभी तक जिले में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और बिना जरूरी कारण यात्रा नहीं करने की सलाह दी है।
कुल्लू-लाहौल में बारिश से बढ़ीं मुश्किलें, 50 ट्रांसफार्मर ठप, सात सड़कें बंद
कुल्लू और लाहौल में मंगलवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले में बिजली और सड़क व्यवस्था पर असर पड़ा है। कई क्षेत्रों में लोगों को आवागमन और दैनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते कुल्लू जिले में 50 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं। इनमें कुल्लू विद्युत मंडल के 34 और थलौट क्षेत्र के 16 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में अब तक सात सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। वहीं कई स्थानों पर बारिश के कारण नालियां जाम हो गईं, जिससे पानी सड़कों और गलियों में भर गया और लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी।
उधर, लाहौल के जाहलमा नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। नाले में आई बाढ़ के कारण फल और सब्जियों से लदे कई वाहन मार्ग में फंस गए हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।