लौटा दिया हिमाचल का विजन 2030 प्लान, नीति आयोग ने गिनाईं ये कमियां
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प्लानिंग कमीशन भंग होने के बाद गठित नीति आयोग ने हिमाचल सरकार की ओर से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 2030 के तहत भेजे गए 15 साल के विजन डॉक्यूमेंट को लौटा दिया है।
आयोग ने हिमाचल समेत सभी प्रदेशों से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 2030 के तहत 15 साल का विजन डॉक्यूमेंट मांगा था। इसमें कहा गया था कि प्रदेश 2030 में अपने को कहां देखता है, इसे विभागवार बताएं।
प्रदेश के प्लानिंग डिपार्टमेंट ने भी इसके लिए सभी विभागों को पत्र लिख दिया। विभागों ने अपने हिसाब से डॉक्यूमेंट तैयार कर प्लानिंग डिपार्टमेंट को भेज दिया, लेकिन आयोग ने प्रदेश सरकार के डॉक्यूमेंट को लौटा दिया।
प्लान लौटाने की ये है वजह
आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की ओर से सीएम वीरभद्र सिंह को लिखे पत्र में डॉक्यूमेंट सही तरीके से न बना होने की बात कही है। साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि डॉक्यूमेंट के साथ प्रदेश सरकार तीन से पांच मिनट का एक वीडियो भी बनाकर भेज दे।
इसके लिए प्रदेश सरकार केंद्रीय मीडिया टीम से संपर्क कर सहयोग भी ले सकती है। आयोग की इस चिट्ठी के बाद प्रदेश सरकार नए सिरे से डाक्यूमेंट तैयार करने में जुट गई है।