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Himachal Vidhan Sabha: विपक्ष के विरोध, हंगामे के बीच कृषि, उद्यानिकी और वानिकी विवि विधेयक पारित

Thu, 21 Sep 2023 07:41 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 21 Sep 2023 07:41 PM IST
सार

 कृषि मंत्री चंद्र कुमार की ओर से पेश किए गए बिल पर भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार एवं रणधीर शर्मा ने चर्चा मांगी। दोनों विधायकों ने बिल को खारिज करने की मांग की। 

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Himachal Vidhan Sabha:Agriculture, Horticulture and Forestry University Bill passed amid opposition's protests
सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा में विपक्ष के विरोध और हंगामा के बीच हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय पालमपुर से संबंधित संशोधन विधेयक पारित किया गया। कृषि मंत्री चंद्र कुमार की ओर से पेश किए गए बिल पर भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार एवं रणधीर शर्मा ने चर्चा मांगी। दोनों विधायकों ने बिल को खारिज करने की मांग की। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि यह संशोधन विवि की स्वायतता पर प्रहार है। साथ ही इस विधेयक से राज्यपाल और कुलाधिपति की गरिमा को भी ठेस पहुंचेगी। विपक्ष ने इसको लेकर सदन में नारेबाजी की, वेल में आने के बाद सदन से वाकआउट कर दिया।

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विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि विवि में कुलाधिपति को योग्यता के आधार पर लगाया जाता है। नाम मांगे जाते हैं। उसके बाद स्क्रीनिंग होती है। वर्षों से यही चल रवा है। इस बिल में संशोधन के माध्यम से शक्तियों को छीनने का प्रयास है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने अध्यक्ष के आसन के पास जाकर वेल में इसका विरोध भी किया। सत्ता पक्ष की तरफ से आशीष बुटेल ने कहा कि इससे राज्यपाल की गरिमा को कोई ठेस नहीं पहुंचेगी। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने भी विधेयक पारित करते समय विपक्ष की आपत्तियों को खारिज किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी इस विधेयक से संबंधित विपक्ष की आपत्तियों को खारिज किया।
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निंदा प्रस्ताव की पेशकश
विपक्ष की ओर से वेल पर नारेबाजी किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष के आसन के पास जाकर नारेबाजी करना शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा कि ये विधेयक राज्यपाल से संबंधित नहीं है। उन्होंने अध्यक्ष से निंदा प्रस्ताव लाए जाने की पेशकश की। कांग्रेस विधायकों ने भी इसमें हामी भरी।
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कतिपय माल के वहन में कर की दरों में विषमता को खत्म करने के लिए संशोधन विधेयक पेश
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सड़क की ओर से कतिपय माल के वहन में कर की दरों में विषमता को खत्म करने के उद्देश्य से संशोधन विधेयक पेश किया। इसके पारित होने के बाद प्रदेश में सड़क मार्ग पर चलने वाले वाहनों से ले जाए जाने वाले सामान पर एक समान दर से कर लग सकेगा। पहले 250 किलोमीटर से कम दूरी तय करने तथा 250 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने पर कर की दर अलग-अलग थी। संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद सरकार को अलग-अलग कर दरों से होने वाले 2.35 करोड़ के राजस्व का नुकसान नहीं होगा।

विधानसभा में हिमाचल प्रदेश जीएसटी संशोधन विधेयक पेश
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में हिमाचल प्रदेश जीएसटी संशोधन विधेयक पेश किया गया। केंद्र सरकार की तरफ से ऑनलाइन कर लगाने के मकसद से जीएसटी कानून में किए गए संशोधन की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी जीएसटी कानून में संशोधन किया है।

13 कानून खत्म करने का विधेयक पारित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की तरफ से विधानसभा में प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश निरसन विधेयक, 2023 को पारित कर दिया गया। इसके माध्यम से 13 ऐसे विधेयकों को वापस लिया जाएगा, जिनका वर्तमान समय में महत्व समाप्त हो गया है।

सदियों से बने रास्तों को रोकने पर कटेगा बिजली, पानी का कनेक्शन

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में निजी भूमि पर एक जगह से दूसरी जगह बने पुराने रास्तों को बंद किए जाने पर सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। सदियों से चल रहे रास्ते को रोक जाने पर लोगों के बिजली और पानी का कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इसको लेकर नियम और कानून का भी ध्यान रखा जाएगा। लोगों के क्या अधिकार हैं, इस पर भी सरकार अध्ययन कर रही है। सीएम ने कहा कि एक्ट में जो शब्दावली है, उसमें भी बदलाव करने की जरूरत है। एक्ट में ऐसी कई शब्दावली हैं, जो समझ से परे है।

कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की ओर से लाए गए संकल्प का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा में यह समस्या सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले रास्ते तक बंद कर दिए गए हैं। एसडीएम को 133 के तहत यह शक्तियां है कि वह पुलिस, राजस्व विभाग के सहयोग से बंद रास्तों को खुलवा सकते हैं। अगर कोई भी फिर भी नहीं मानता है तो सीआरपीसी 188 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। लेकिन इसको लेकर भी लोग कोर्ट में जाकर मामलों को सालों लटका देते हैं। ऐसे में इन सभी को देखते हुए सरकार इसी सत्र में इस एक्ट में संशोधन करने जा रही है। सीएम के आश्वासन के बाद लखनपाल ने अपना संकल्प वापस ले लिया।

इससे पहले राजस्व मंत्री की जगह पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों के विभाजन से भूमि पर दबाव बढ़ रहा है। इस तरह के विवादों को किस तरह सुलझाया जाए यह राजस्व रिकॉर्ड में लिखा है। उन्होंने कहा कि जो एक खेत से दूसरे खेत में जाने का मामला आता है तो राजस्व में वाजिभ अल उर्ज में बताया गया है कि किस तरह इसे निपटाया जाए। अगर हल चलाने के लिए बैल को खड़ी फसल से ले जाना पड़े तो बैलों के मुंह मे छिकड़ी लगानी पड़ती है।

भाई- भाई भी रोक देते हैं एक दूसरे का रास्ता
कांग्रेस विधायक इंद्रदत लखनपाल ने संकल्प लाते हुए कहा कि रास्तों को बंद किए जाने से क्राइम रेट बढ़ता जा रहा है। जब परिवार विभाजित होता है तो एक भाई अन्य भाइयों के घर को जाने वाले रास्ते को रोक देता है। वहीं चर्चा में भाग लेते हुए विनोद सुलतनपुरी ने कहा कि यह गंभीर विषय है इस पर विचार होना जरूरी है।

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