हिमाचल: चकाचौंध वाली एलईडी पड़ सकती है भारी, पुलिस हटवाएगी लाइट; गंभीर मामले में रद्द हो सकती है आरसी
हिमाचल में वाहनों में तेज आफ्टरमार्केट एलईडी, लाइट बार या अतिरिक्त चकाचौंध वाली लाइट लगाने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। चालान के साथ लाइट हटवाने, वाहन डिटेन करने और गंभीर मामलों में आरसी रद्द करने की संस्तुति का प्रावधान बताया गया है।
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नई कार या बाइक खरीदने के बाद उसकी हेडलाइट बदलकर तेज एलईडी, लाइट बार या अतिरिक्त लाइटें लगाना वाहन मालिकों को महंगा पड़ सकता है। सड़क पर दूसरों को चकाचौंध करने वाली ऐसी लाइटें मिलीं तो पुलिस चालान काटने के साथ उन्हें हटवा सकती है। गंभीर मामलों में वाहन डिटेन करने और आरटीओ को पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) रद्द करने की संस्तुति भेजने का भी प्रावधान किया गया है। इन दिनों नई गाड़ियों में कंपनी की ओर से लगी मूल हेडलाइट के अलावा कई वाहन चालक ज्यादा रोशनी के लिए आफ्टरमार्केट एलईडी लाइटें लगवा रहे हैं। इनकी रोशनी सामने से आने वाले चालक की आंखों पर पड़ने से उसे कुछ सेकंड तक सड़क व सामने का वाहन साफ दिखाई नहीं देता।
पहाड़ी सड़कों पर तीखे मोड़ और कम चौड़ाई के कारण यह स्थिति हादसे का कारण बन रही है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 निर्माता की ओर से तय मूल विनिर्देशों में अनधिकृत बदलाव को नियंत्रित करती है। ऐसे में कंपनी की ओर से स्वीकृत व्यवस्था से अलग लाइट लगाने या मूल हेडलाइट में बदलाव करने पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस जांच में यदि वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन या अत्यधिक चकाचौंध वाली लाइट मिलती है तो चालक का चालान किया जाएगा।
ऐसे में वाहन मालिक के लिए महज चालान भरना ही अंतिम कार्रवाई नहीं होगी। कंपनी की ओर से वाहन के साथ लगाई गई स्वीकृत हेडलाइट को सामान्य तौर पर अवैध मॉडिफिकेशन नहीं माना जाता। दिक्कत तब होती है जब वाहन की मूल लाइट असेंबली में बिना अनुमति बदलाव किया जाए या ऐसी आफ्टरमार्केट लाइट लगाई जाए जो निर्धारित मानकों के अनुरूप न हो। खासकर अत्यधिक तेज, चकाचौंध पैदा करने वाली या गलत दिशा में रोशनी देने वाली लाइट दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकती है।
प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी का कहना है कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़क पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वाहन चालकों को अपनी सुविधा के लिए ऐसी लाइट नहीं लगानी चाहिए जिससे सामने वाले की सुरक्षा खतरे में पड़े। खासकर हिमाचल की पहाड़ी सड़कों पर रात के समय निर्धारित रोशनी और सही तरीके से हाई-लो बीम का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।