ट्रिब्यूनल ने लगाई नाहन थाने के एसएचओ के तबादले पर रोक, जानिए पूरा मामला
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नाहन थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। लाइन हाजिर किए गए एसएचओ के तबादले पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने स्टे दे दिया है। साथ ही जिला पुलिस से तबादले का कारण पूछा है।
सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले नाहन में एसएचओ विजय कुमार को मुख्यालय के निर्देश पर लाइन हाजिर कर दिया गया। कुछ दिन पहले नाहन पुलिस थाने में तैनात एक सिपाही अमरेंद्र सिंह की भाजपा नेताओं से हाथापाई हो गई थी।
एसएचओ विजय के निर्देश पर सिपाही ने भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा लिखा। सूत्रों की मानें तो इसके बाद जिले के कई वरिष्ठ नेता पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहे थे। विधानसभा का सत्र चल रहा था। इस दौरान यह बात आला अधिकारियों तक पहुंच गई।
अब एफआईआर करवाने वाले सिपाही पर लटकी तलवार
उच्च अधिकारियों के स्तर पर विजय को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि, विजय ने तबादले के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर दी। इस पर ट्रिब्यूनल ने उन्हें मामले का निस्तारण होने तक एसएचओ नाहन थाना ही बने रहने के आदेश जारी किए हैं।
एसएचओ के बाद अब कथित भाजपा नेताओं पर मारपीट का मामला दर्ज कराने वाले सिपाही पर भी तलवार लटक रही है। सूत्रों की मानें तो जिले के नेता सिपाही का भी तबादला कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सुशासन की बात करने वाली जयराम सरकार अपने ही नेताओं के दबाव पर क्या कार्रवाई करती है।