हिमाचल तकनीकी विवि: पुनर्मूल्यांकन की फीस दोगुना, पुनर्निरीक्षण के 400 रुपये बढ़े, विद्यार्थियों ने जताया वि
तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने विद्यार्थियों को झटका दिया है। विवि ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और पुनर्निरीक्षण फीस को बढ़ा दिया है।
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हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने विद्यार्थियों को झटका दिया है। विवि ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और पुनर्निरीक्षण फीस को बढ़ा दिया है। अब विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और पुनर्निरीक्षण के लिए पहले से लगभग दोगुना फीस देनी पड़ेगी। विश्वविद्यालय की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक बीटेक, बीएचएमसीटी, बीएससी एचएमसीटी, बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए सहित अन्य कोर्स के विद्यार्थी जो पुनर्मूल्यांकन, पुनर्निरीक्षण करवाना चाहते हैं।
दस अप्रैल तक उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए एक हजार रुपये फीस रहेगी, जबकि पहले यह फीस 500 रुपये थी। इसके अलावा एक उत्तर पुस्तिका की पुनर्निरीक्षण फीस 500 रुपये रहेगी। यह फीस पहले 100 रुपये लगती थी। वहीं उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी प्राप्त करने के लिए अब 1,500 रुपये देने होंगे जो कि पहले 1,000 रुपये थे। तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान ने कहा कि 11 साल बाद फीस रिवीजन हुआ है। अंतिम फीस रिवीजन 2014 में हुआ था। उन्होंने कहा कि फीस को कम करने के लिए मांग पत्र मिला है। फीस को कुछ कम करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखा जाता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जताया विरोध
विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई की ओर से फीस वृद्धि के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। एक मांगपत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान को सौंपा गया। इकाई अध्यक्ष भवानी सिंह ठाकुर ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन छात्र का अधिकार है। इस पर अधिक शुल्क लगने से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त संख्या में छात्रावासों का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाए। विश्वविद्यालय की बस सेवा की संख्या बढ़ाई जाए और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इससे जोड़ा जाए। तकनीकी कार्यशालाएं, सेमिनार और संगोष्ठी कार्यक्रम नियमित रूप से करवाए जाएं। इकाई सचिव आकांक्षा शर्मा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो छात्रों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।