ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में बदलाव को एकमत नहीं शिक्षक संगठन
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हिमाचल के ग्रीष्मकालीन स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव करने को शिक्षक संगठन एकमत नहीं हैं। किसी संगठन ने अप्रैल की छुट्टियों में कटौती की मांग की है तो कोई छुट्टियां न देने के हक में है।
शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा के साथ निदेशालय में विभिन्न शिक्षक संगठनों की बैठक हुई। जिला उपनिदेशकों के साथ भी चर्चा की गई। अब सुझावों की रिपोर्ट बनाकर उच्च शिक्षा निदेशालय सरकार को भेजेगा।
राजकीय अध्यापक संघ ने ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक से छह जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां, एक से पांच अप्रैल तक बसंत की छुट्टियां और 16 जुलाई से 25 अगस्त तक गर्मियों की छुट्टियां देने की मांग की है।
अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने मांग की कि लाहौल-स्पीति में बसंत की छुट्टियां एक से दस अप्रैल और गर्मियों की 16 जुलाई से 19 अगस्त तक होनी चाहिए। उन्होंने शीतकालीन स्कूलों में मानसून की छुट्टियां 26 जुलाई से 14 अगस्त तक करने की मांग भी रखी।
सभी स्कूलों में एकसाथ परीक्षाएं करवाने की वकालत
स्नातकोत्तर संघ के अध्यक्ष चितरंजन कालटा ने ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक अगस्त से 21 अगस्त तथा शीतकालीन स्कूलों में 16 से 21 अगस्त तक मानसून की छुट्टियों देने की वकालत की। सीएंडवी शिक्षक संघ के अध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक से छह अप्रैल तक बसंत, 15 जुलाई से 17 अगस्त तक गर्मियों तथा 25 से 31 दिसंबर तक सर्दियों की छुट्टियां देने की पैरवी की।
शीतकालीन स्कूलों में मानसून की छुट्टियां 18 से 23 अगस्त तक देने की मांग भी की। अन्य शिक्षक संगठनों ने भी सुझाव दिए। शिक्षक संगठनों ने प्रदेश के सभी स्कूलों में एक साथ परीक्षाएं करवाने की वकालत की। दिसंबर में पहली से जमा दो कक्षा तक की परीक्षाएं और जनवरी में सर्दियों की छुट्टियां देने की मांग की गई। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सात जनवरी तथा शीतकालीन स्कूलों में 12 फरवरी से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की पैरवी की गई।
सरकार लेगी अंतिम फैसला : अमरजीत
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को विभिन्न शिक्षक संगठनों और जिला उपनिदेशकों के साथ बैठक की गई। छुट्टियों में बदलाव के लिए कई सुझाव मिले हैं। इनके आधार पर छात्र हित में प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा जाएगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड से भी राय ली जाएगी। सरकार ही अंतिम फैसला लेगी।