खाली रह गई कर्मचारियों की झोली
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अपने लगभग आधे घंटे के भाषण में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दो साल की अवधि में किए विकासात्मक कार्यों का ब्योरा दिया। विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया लेकिन बड़ी घोषणा से परहेज रखा।
हां, बिलासपुर जिले को सीएम विकास की सौगात जरूर दे गए। पुलों के निर्माण के अलावा कई स्कूल और अस्पताल अपग्रेड किए गए। वहीं, एम्स संस्थान को बिलासपुर में खोलने की भी बात उन्होंने कही।
कर्मचारियों को आस थी कि मुख्यमंत्री जहां डीए किस्त जारी करेंगे। वहीं, अनुबंध कर्मियों को नियमित करने, पेंशन बढ़ाने जैसे मसले धरे के धरे ही रह गए। सीएम का संबोधन एक तरह से स्थानीय घोषणाओं पर फोकस रहा।
किसी अन्य जिले के लिए भी नहीं की कोई घोषणा
ऊना, सिरमौर और बिलासपुर राष्ट्रीय स्तर के बडे़ संस्थानों के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले के नाम पर सीएम ने कोई भी नई घोषणा नहीं की।
दोहराई पुरानी घोषणा
सीएम वीरभद्र सिंह ने कई सालों से सुर्खियों में चल रहे बैरी-दड़ोला पुल को लेकर फिर घोषणा की है। कुछ साल पहले सीएम ने इस पुल निर्माण की घोषणा की थी। इसका बाकायदा शिलान्यास भी हो चुका है।
जबकि अब बिलासपुर को फोरलेन से जोड़ने की बात कहते हुए उन्होंने बैरी दड़ोला में नया पुल बनाने का ऐलान किया है।