डेढ़ साल के मासूम बेटे ने दी शहीद को मुखाग्नि, हर आंख हुई नम
जम्मू-कश्मीर में पाक गोलीबारी में शहीद हुए अग्रणी चौकी पर तैनात 14 जीटीसी के राइफलमैन विमल सिंजाली को सुबाथू (सोलन, हिमाचल प्रदेश) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानी लोग और सेना के जवान मौजूद थे।
सबकी आंखें उस वक्त नम हो गईं, जब जवान को उनके डेढ़ साल के बेटे योनिक ने मुखाग्नि दी। योनिक अच्छी तरह से समझ भी नहीं पाया कि यह क्या हो रहा है। बच्चे के साथ उसके दादा धन बहादुर भी मौजूद रहे। इससे पूर्व पूरा प्रशासनिक अमला व सेना के जवान शहीद के परिजनों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।
शहीद के पिता बोले, पाकिस्तान से बदला ले भारत
नेपाल से सुबाथू के लिए निकले शहीद के परिजन बीच में रास्ता भटकने की वजह से तय समय पर नहीं पहुंच पाए। पहले शहीद का अंतिम संस्कार दोपहर एक बजे होना था। लेकिन परिजनों के देरी से पहुंचने पर शाम पांच बजे के बाद शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम विदाई के मौके पर ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद और विमल सिंजाली अमर रहे’ के नारों से पूरा सुबाथू गूंज उठा। शहीद के पिता धन बहादुर ने कहा कि उन्हें उनके बेटे की बहादुरी पर नाज है। लेकिन एक-एक करके जवानों के शहीद होने का दुख भी है। अब वो घड़ी आ गई है, जब भारत को पाकिस्तान की ऐसी हरकतों का जवाब जंग से देना होगा।