फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Sirmour news: BPL family living in slum in sirmour

दिहाड़ी लगाकर गुजारा: 15 साल से दूसरे के झोपड़े में रह रहा बीपीएल परिवार

Tue, 23 Nov 2021 10:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर हितेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 23 Nov 2021 10:47 AM IST
सार

छह बेटियों और एक बेटे के पिता सोहन सिंह पत्नी के साथ पिछले 15 साल से दूसरे के घर में शरण लेकर रह रहे हैं। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम भाटगढ़ पंचायत के बांदल गांव के रहने वाले सोहन सिंह पुत्र हीरा सिंह को 2017 में पंचायत ने बीपीएल श्रेणी में दर्ज तो किया, लेकिन आवास के लाभ से कोसों दूर है।

विज्ञापन
Himachal Sirmour news: BPL family living in slum in sirmour
रेणुका के बांदल गांव में कच्चा मकान, जिसमें गरीब परिवार रह रहा है। वहीं, परिवार के साथ सोहन सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

गुरबत भरा जीवन कैसा होता है, यह कोई सोहन सिंह से पूछे। बीपीएल योजना में शामिल होने पर भी खुद का आशियाना नहीं। बेटियों को पढ़ाने तक के पैसे नहीं। दो वक्त की रोटी का गुजारा भी दिहाड़ी से चल रहा है। कभी शिमला तो कभी पंचायत में किसी अन्य के घर कामकाज कर नौ सदस्यीय परिवार का पेट पाल रहा है। भले ही सरकार हर गरीब तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने के दावे कर ले, लेकिन सोहन सिंह को आज तक इस योजना का लाभ नहीं मिल सका।

विज्ञापन


छह बेटियों और एक बेटे के पिता सोहन सिंह पत्नी के साथ पिछले 15 साल से दूसरे के घर में शरण लेकर रह रहे हैं। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम भाटगढ़ पंचायत के बांदल गांव के रहने वाले सोहन सिंह पुत्र हीरा सिंह को 2017 में पंचायत ने बीपीएल श्रेणी में दर्ज तो किया, लेकिन आवास के लाभ से कोसों दूर है। डेढ़ दशक पहले सोहन सिंह को गांव के पृथ्वी सिंह ने अपने घर में शरण दी। वह किसी और गांव में रह रहे हैं।
विज्ञापन


अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले सोहन सिंह ने 2 जून, 2017 को आवास उपलब्ध कराने के कागजात संगड़ाह स्थित कल्याण विभाग को उपलब्ध कराए। आजतक आवास योजना उन तक नहीं पहुंची। बिजली का मीटर जरूर मिला, लेकिन इसे पृथ्वी सिंह के घर पर लगाया गया है। इसको लेकर सोहन सिंह जामूकोटी में गत दिन हुए जनमंच में भी पहुंचे। यहां अपनी स्थिति का दुखड़ा ऊर्जा मंत्री को सुनाया। हालांकि, मंत्री ने इस विषय में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सोहन सिंह ने बताया कि वह अपनी गरीबी के चलते दो बड़ी बेटियों को आठवीं कक्षा से आगे नहीं पढ़ा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार बेटियां अभी छोटी क्लास में हैं। उन्होंने बताया कि उसका आवेदन आवास योजना के लिए गया है पर कुछ नहीं बन पाया। बीडीओ संगड़ाह हरमेश ठाकुर ने बताया कि मामले का पता लगाया जाएगा कि आवास योजना में किस नंबर पर है। मामला पुराना है। 2021-22 में सीएम आवास योजना के तहत विकास खंड की 44 पंचायतों में पांच आवास को मंजूरी मिली है। सोहन सिंह के केस का पता लगाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed