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शिमला: ओक ओवर में डंगा गिरने से 3 भवन खतरे की जद में, 6 परिवारों के 30 लोगों को किया रेस्क्यू
Thu, 29 Jul 2021 12:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:44 PM IST
सार
लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी डंगा लगाने के कार्य में जुटे हैं। यहां काफी समय से लोक निर्माण विभाग मरम्मत कार्य करवा रहा है। इसमें अभी तक करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है।
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शिमला: ओक ओवर में गिरा डंगा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर परिसर का डंगा ढहने से साथ में लगते तीन भवनों को खतरा पैदा हो गया है। यह हादसा वीरवार तड़के हुआ। प्रशासन ने भवनों को एहतियात के तौर पर खाली करवा दिया है। इसमें रह रहे 6 परिवारों के 30 लोगों को प्रशासन ने पीटरहॉफ के सर्किट हाउस में शिफ्ट किया है। घटना की सूचना मिलते डीसी आदित्य नेगी और एसडीएम शहरी मनजीत शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावितों को घरों से सुरक्षित बाहर निकाला। एसडीएम ने कहा ओक ओवर में डंगा लगाने के कार्य के चलते मिट्टी गिरने की संभावना के मद्दे्नजर भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करवाया है। बताया कि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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सुबह 4.30 बजे के आसपास डंगा ढह गया था। ऐसे में प्रशासन ने भवनों में रह रहे करीब 30 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी डंगा लगाने के कार्य में जुटे हैं। यहां काफी समय से लोक निर्माण विभाग मरम्मत कार्य करवा रहा है। इसमें अभी तक करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। पैसा पानी की तरह बहाने के बावजूद यहां करवाए गए कामों को लेकर लोक निर्माण विभाग सवालों के घेरे में हैं।
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इन भवनों को करवाया खाली
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 3 भवनों को खाली करवाया है। इसमें सूद निवास और चरण भवन को पूरी तरह से खाली करवाया गया है। इसके अलावा थरोच हाउस के कुछ परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
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पार्षद ने लगाए लापरवाही बरतने के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग ने यहां बन रही सड़क के लिए यह डंगा लगाया था। कच्चे डंगे पर बड़ा डंगा लगा लिया। कुछ दिन बाद ही इससे पत्थर गिरने लगे थे। इस बारे में स्थानीय पार्षद बृज सूद को सूचना दी थी। पार्षद बृज सूद ने कहा कि मामला ध्यान में आते ही उन्होंने तुरत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। कहा कि कच्चे डंगे पर कैसे इतनी बड़ी रिटेनिंग वॉल लगाई जा रही है?
अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए भी कहा। लेकिन आज तक काम नहीं हुआ। यदि शिकायत मिलते ही कुछ प्रबंध किया होता तो डंगा नहीं गिरता। स्थानीय पार्षद ने वीरवार को मौके पर जाकर भी स्थिति का जायजा लिया। बाद में सीएम की पत्नी साधना ठाकुर से बात की। अधिकारियों ने लापरवाही बरती जिसका खामियाजा आज 3 भवनों में रह रहे कई परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। पार्षद ने बताया कि साथ में बन रही एक वाटिका का डंगा भी गिरने की कगार पर है। इससे भी एक भवन को खतरा पैदा हो गया है।
70 मजदूरों को लगाया काम पर
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही 70 मजदूरों को काम पर लगा दिया था। लोगों से उन्हें देरशाम सूचना मिली थी कि ओकओवर के पास डंगा ढहने की कगार पर है। सूचना मिलने के बाद डंगे को तिरपाल से ढक दिया था लेकिन लगातार बारिश के कारण सुबह 4.30 बजे डंगा ढह गया।