हिमाचल शिक्षक महासंघ की मांग :2555 एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए नीति बनाए सरकार
शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने बताया कि शिक्षा मंत्री के साथ बैठक में 12 सूत्रीय आग्रह पत्र और 11 अनुपूरक मांगों पर मंथन होगा। कहा कि वर्ष 2002 में नियुक्त ग्रामीण विद्या उपासकों के पक्ष में न्यायालय के निर्णय के अनुसार देय वेतन वृद्धि लागू की जाए। 2555 एसएमसी शिक्षकों को नीति बनाकर नियमित किया जाए।
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हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की गुरुवार दोपहर बाद विधानसभा परिसर में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर के साथ बैठक होगी। महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने बताया कि बैठक में 12 सूत्रीय आग्रह पत्र और 11 अनुपूरक मांगों पर मंथन होगा। कहा कि वर्ष 2002 में नियुक्त ग्रामीण विद्या उपासकों के पक्ष में न्यायालय के निर्णय के अनुसार देय वेतन वृद्धि लागू की जाए। 2555 एसएमसी शिक्षकों को नीति बनाकर नियमित किया जाए। अंतर जिला स्थानांतरण नीति में संशोधन कर दो वर्ष पूरा कर चुके शिक्षकों को जनवरी, 2022 से नियमित किया जाए। जेबीटी अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाए। कमीशन प्राप्त भाषा अध्यापकों को नियुक्ति दी जाए।
ईजीएस/एनआरएसटी पर नियुक्त शिक्षकों को एक मुश्त छूट देकर जेबीटी के अनुबंध पर लाया जाए। सभी माध्यमिक विद्यालयों में भाषा अध्यापक और नए अपग्रेड स्कूलों में प्रवक्ता फिजिकल के पद सृजित किए जाएं। कर्मचारियों को मेडिकल अदायगी के स्थान पर कैशलेस सुविधा का प्रावधान किया जाए। मैटरनिटी अवकाश के दौरान नियमितीकरण होने पर ज्वाइन करने के बाद मिलने वाली छुट्टियों को यथावत रखा जाए। पुंडीर ने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाले अर्जित अवकाश में लीव इन कैशमेंट 300 तक सीमित है। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा छुट्टियां न लेने पर खुद लैप्स हो जाती हैं। कर्मचारियों को 300 के ऊपर छुट्टियों को लैप्स ना किया जाए। उन्हें मेडिकल इमरजेंसी पर इन छुट्टियों को उपयोग में लाने के लिए सुविधा दी जाए।