देश के लिए बलिदान देने में हिमाचल के सपूत हमेशा सबसे आगे: सीएम
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आबादी के हिसाब से छोटा पहाड़ी राज्य होने के बावजूद हिमाचल के युवा देश के लिए बलिदान देने में हमेशा आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के स्वर्ण जयंती पर अन्नाडेल में विजय दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। जयराम ने सपूतों के दिए बलिदान को याद करते हुए कहा कि 16 दिसंबर 1971 को भारत ने पाकिस्तान के साथ 13 दिन तक चली लड़ाई के बाद जीत हासिल की थी। कारगिल युद्ध में 527 शहीदों में से 52 हिमाचल प्रदेश के थे। 52 शहीदों के सभी आश्रितों को 5.5 लाख रुपये की राशि दी गई। 48 परिवारों के आश्रितों को रोजगार दिया।
आश्रितों को 20 लाख रुपये और 50 प्रतिशत शारीरिक रूप से विकलांग होने वाले सैनिकों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। इस दौरान मेजर संदीप (अशोक चक्र), और फर्स्ट आर्मी टेस्ट पायलट स्व. मेजर प्रदीप अग्रवाल की फोटो का अनावरण किया गया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, पूर्व मंत्री और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल, सचिव सामान्य प्रशासन दिवेश कुमार मौजूद रहे।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सुंदरनगर और झंडूता में सीएसडी विस्तार केंद्र खोलने के लिए 45. 63 लाख रुपये की राशि भी जारी की है। उन्होंने झंडूता और सुंदरनगर क्षेत्र के लिए ईएसएम के दो विस्तार केंद्रों का शुभारंभ भी किया।
प्री-कोचिंग के लिए बनेगी सैनिक अकादमी: महेंद्र सिंह
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार ने मंडी के सरकाघाट में प्री-कोचिंग के लिए सैनिक अकादमी स्थापित करने का निर्णय लिया है। आर्मी प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ले. जनरल राज शुक्ला कहा कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए वॉकर अस्पताल जो आग के कारण नष्ट हो गया था। उसका निर्माण कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। कार्यक्रम में वीर चक्र से सम्मानित कप्तान जतिंद्र नाथ सूद के भाई जोगिंदर लाल सूद ने उनके सम्मान में मडैल्यन प्रस्तुत किया।
छावनी क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन में रक्षा संपदा सेवाएं की भूमिका अहम: सीएम
राज्य में स्थित छावनी क्षेत्र के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। यह बात बुधवार यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रक्षा संपदा दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रक्षा संपदा सेवाएं ने प्रभावी पारदर्शिता, बेहतर नागरिक और विकासात्मक प्रशासन प्रदान कर देश और राज्य में स्थित सैन्य छावनियों के बेहतर प्रबंधन में अलग पहचान बनाई है। राज्य में सात सैन्य छावनी क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन के लिए रक्षा संपदा निदेशालय की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा यह हर्ष का विषय है कि राज्य और देश के सभी 62 छावनी बोर्ड सामाजिक कल्याण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, जल आपूर्ति, शहरी नवीकरण और केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों की शिक्षा की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में स्थित छावनी क्षेत्र कसौली, सुबाथू, डगशाई, खास योल, जतोग, डलहौजी और बकलोह शहरी क्षेत्रों को शहरी प्रबंधन और स्थानीय स्वशासन के आदर्श रूप में विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और इन प्रयासों को रक्षा संपदा महानिदेशालय की छावनी क्षेत्रों में पूरा किया जा रहा है। प्रमुख निदेशक केजेएस चौहान ने कहा कि रक्षा संपदा देश में छावनियों के योजनाबद्ध विकास को सुनिश्चित कर रही है। निदेशक रक्षा संपदा केसी गुप्ता ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि कुल छावनियों में से सात छावनियां हिमाचल प्रदेश में हैं। उप निदेशक रक्षा संपदा विजय कुमार भाटिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा भी उपस्थित थे।