इस राज्य की तर्ज पर बनेगी हिमाचल की नई खेल नीति, मंत्री ने किया खुलासा
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हिमाचल की नई खेल नीति को अंतिम रूप देने के लिए सरकार ने कसरत शुरू कर दी है। वन, परिवहन एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए नई खेल नीति बनाई जाएगी।
इसके लिए खेलों में अग्रणी राज्य हरियाणा की खेल नीति का अध्ययन किया जा रहा है। ढालपुर मैदान में अंतरराज्यीय अंडर-20 महिला हैंडबाल मैच के बाद खिलाड़ियों व विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए गोविंद सिंह ने कहा कि हिमाचल के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
हिमाचल के खिलाड़ी हर खेल में अपना हुनर दिखाकर हिमाचल की झोली मेडलों से भर रहे हैं। भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय स्की पदक भी हिमाचल के मनाली की खिलाड़ी आंचल ठाकुर ने ही दिलाया है।
खेल सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा
प्रदेश में खेल सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हिमाचल की नई खेल नीति धरातल पर उतारी जाएगी।
गौर रहे कि हरियाणा में खेल नीति बेहतरीन होने के कारण यहां खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं और नौकरियों में भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। लेकिन हिमाचल में ऐसा न होने के कारण कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों में जाकर खेल प्रशिक्षण ले रहे हैं और दूसरे राज्य की तरफ से ही खेलने को मजबूर हैं।
यदि हिमाचल की नई खेल नीति बनती है तो खिलाड़ियों की खेलों में दिलचस्पी बढ़ेगी। इस अवसर पर विधायक किशोरी लाल सागर, विधायक सुरेंद्र शौरी, हिमाचल प्रदेश हैंडबाल एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवेश शर्मा, महासचिव नंद किशोर शर्मा, जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष दानवेंद्र सिंह, खेल परिषद के सदस्य डा. गौरव भारद्वाज व अन्य मौजूद रहे।